सोमवार सुबह से अचानक बढ़ी ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी। भास्कर देव सोमवार को 12 बजे के बाद निकले। सुबह से ही पूरे जनपद पर कोहरे की चादर तनी और ठंडी हवाएं लोगों को कंपाती रही। बढ़ी ठंड से शहरी व ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। घने कोहरे एवं शीतलहर ने लोगों की दिन चर्या प्रभावित को किया। लोग अपने कामकाज को छोड़कर ठंड से बचाव के लिए दिनभर अलाव के आसपास बैठे दिखाई दिए। जनपद का अधिकतम तापमान 20 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में पारा और नीचे गिरेगा।
क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। खासतौर पर कड़ाके की ठंड ने गरीबों की मुश्किलें और बढ़ा दी है ठंड से बचाव के लिए गरीबों के पास न तो गर्म कपडे़ हैं और न ही आग जलाने के लिये लकड़ी की व्यवस्था है। ग्राम सैदपुर स्थित सहारिया बस्ती के लोग लकड़ी की व्यवस्था न होने के चलते कूड़ा करकट जलाकर ठंड से बचने का प्रयास करते नजर आये। सहरिया बस्ती में रहने वाले मुकेश, रामराज सहरिया, का कहना है की ठंड से बचाव के लिए प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिल सकी है। गांव में अलाव नहीं जलवाये जा रहे है न ही कंबलों का वितरण किया गया है। उन्होंने सहरिया बस्ती में कंबल वितरण कराने एवं अलाव जलवाने की मांग की है। वहीं, घने कोहरे के कारण विजिविलटी लगभग 25 मीटर से भी कम होने के कारण वाहनों की रफ्तार थम गयी। कुछ वाहन चालकों ने तो सडक के किनारे पर अपने वाहन खड़े करके कोहरा कम होने का इंतजार करते नजर आये। कोहरे के कारण सोमवार को दिनभर योजना प्रभावित रहा और दिन में वाहन चालकों को अपने वाहनों की हेडलाईट जलाकर अपने गंतव्य की ओर जाना पडा ।
वहीं सौजना कस्बा में कड़ाके ठंड के कारण गांव में अलाव कई दिनों से सुचारू रूप से जलाया जा रहा है। जिसमें कई गांव वाले अपनी ठंड दूर कर रहे हैं। अलाव जलाते समय सौजना लेखपाल घनाराम अहिरवार, व सौजना ग्राम प्रधान कपूर चन्द एव स्थानीय ग्राम वासी हल्के भाई जगभान सिंह, सत्य नारायन, विक्रम शंकर सिंह मौजूद रहे।
नहीं मान निजी स्कूल संचालक
कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी डा रुपेश कुमार ने रविवार को ही चार जनवरी तक कक्षा आठ तक सभी परिषदीय व मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को बंद रखने के आदेश जारी कर दिए थे। अपनी मनमानी के लिए जाने वाले निजी स्कूल संचालकों ने डीएम को आदेश को नहीं मानते हुए सोमवार से स्कूल खोल दिए। स्कूल खुले होने के कारण छोटे छोटे बच्चों को कांपते हुए स्कूल जाना पड़ा।