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सिंदवाहा सहित 10 गांव होंगे महरौनी में शामिल

Fri, 05 Feb 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो
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सिलावन (ललितपुर)। नवसृजित तहसील पाली में शामिल किए गए 10 गांव फिर से महरौनी तहसील में शामिल होंगे। इसके अलावा 11 गांव वापस मड़ावरा में जाएंग। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
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महरौनी तहसील में शामिल एक दर्जन से अधिक गांवों को नवसृजित पाली तहसील में जोड़ दिए जाने से ग्रामीणों ने इसका विरोध किया था। ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए विधायक फेरनलाल अहिरवार और मनोहर लाल पटेल ने उच्चाधिकारियों से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री और राज्यपाल तक से ग्रामीणों को पाली तहसील तक पहुंचने में होने वाली समस्याओं से अवगत कराया था।

इस मामले में बसपा नेता मनोहरलाल पटेल ने जनसूचना अधिकार के तहत आवेदन दिया था, जिसका जवाब देते हुए डीएम ने पत्र के माध्यम से जानकारी दी कि सहायक भूलेख अधिकारी की आख्या के अनुसार ग्राम सिंदवाहा, सक्तू, बुदनी नाराहट, गदनपुर, परसई, मुडिया, गुढ़ा बजुर्ग, पडरिया, ककरूवा व बारचौन की दूरी तहसील पाली से 25 से 40 किमी दूर हैं,
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जबकि महरौनी तहसील से 12 से 25 किमी हैं। इसको दृष्टिगत रखते हुए इन गांवों को महरौनी तहसील में शामिल किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तावित है। इसी तरह ग्राम बमराना, दैनपुरा, धौलपुरा, अर्जुन खिरिया, बनयाना, पियरा, गदौरा, खिरिया उबारी, मछरका, गुढ़ा मडावरा और भौंटी नाराहट को मडावरा तहसील में शामिल किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तावित किया गया है।

प्रभावित होगी तहसीलों के गांवों की संख्या
यदि उक्त गांवों को महरौनी व मडावरा तहसील से जोड़ा जाता है तो तहसीलों में जुड़े गांवों की संख्या में परिवर्तन हो सकता हैं। वर्तमान में महरौनी तहसील में 135 गांव जुडे़ हैं, यदि 10 गांवों को और जोड़ दिया जाता है तो महरौनी तहसील में जुड़े गांवों की संख्या बढ़कर 145 हो जाएगी।

इसी तरह नवसृजित तहसील मडावरा में 110 गांव शामिल हैं, इसमें 11 गांवों को और जोड़ दिया जाएगा तो यह संख्या 121 हो जाएगी। नवसृजित तहसील पाली में 149 राजस्व गांवों को शामिल किया गया था, जो घटकर 128 हो सकती है।

सदन में भी उठा था मुद्दा
पूर्व में महरौनी तहसील में शामिल ग्राम सक्तू, सिंदवाहा, बुदनी नाराहट, गदनपुर, देनपुरा, मुडिय़ा, गुढ़ा बुजुर्ग, ककरुवा, बनयाना, अर्जुनखिरिया, गदौरा, बमराना, बारचौन, पियरा, मछरका, भौंटी नाराहट, खिरिया उबारी, पड़रिया, परसई आदि गांवों को बिना भौगोलिक स्थिति के जाने नवसृजित पाली तहसील में जोड़ने का मामला विधानसभा के पटल पर रखा गया था।

महरौनी विधायक फेरनलाल अहिरवार ने मामले को नियम-51 के अंतर्गत प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर अवगत कराया था। पत्र के माध्यम से विधायक ने बताया था कि उक्त गांवों की महरौनी से दूरी मात्र 10 से 15 किमी है, जबकि पाली तहसील तक ग्रामीणों को पहुंचने के लिए 40 से 50 किमी की दूरी तय करना पड़ रही है।

इतना ही नहीं ग्रामीणों को पाली तहसील तक पहुंचने के लिए टुकड़ों में यात्रा करना पड़ती है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है और अनावश्यक पैसा भी खर्च होता है। इस पर मंडलायुक्त से जानकारी मांगी गई है। इसी क्रम में डीएम द्वारा भौगोलिक स्थिति के अनुसार गांवों को तहसील में शामिल करने का प्रस्ताव प्रेषित कर दिया गया है।
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