ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन लंबे समय बाद भी निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। स्थिति यह है कि पोस्टमार्टम हाउस और मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय का काम पूरा नहीं हो सका है।
सीएमओ कार्यालय पुराना होने और जगह की कमी को देखते हुए नए सीएमओ कार्यालय निर्माण के लिए एक अप्रैल 2011 को मंजूरी दी गई। कार्यालय निर्माण के लिए 1.51 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। इसमें से 1.49 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन काम 80 फीसदी हो पाया है।
अधिकारियों की मानें तो नये कार्यालय के भवन में तमाम खामियां हैं, जिन्हें दूर करने के लिए कार्यदायी संस्था को लिखा गया है। कमियां दूर होने के बाद ही कार्यालय को नए भवन में स्थानांतरित किया जा सकेगा। इसी तरह से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बार, मड़ावरा व तालबेहट में 30-30 पलंग का प्रसवोत्तर वार्ड तैयार किया जाना है।
पीएचसी बार व मड़ावरा में तैयार होने वाले वार्ड के लिए कुल 5.60 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। वहीं, पीएचसी तालबेहट में तैयार होने वाले वार्ड के लिए 2.94 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। तीनों कामों को 17 मार्च 2014 को मंजूरी दी गई थी, इन कामों को समाप्त करने का समय 31 मार्च 2016 है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए समय से काम समाप्त होने की उम्मीद नहीं है।
पोस्टमार्टम हाउस पड़ा है अधूरा
वर्तमान में संचालित पोस्टमार्टम हाउस के बीच बस्ती में होने के कारण लंबे समय से नए पोस्टमार्टम हाउस बनाए जाने की मांग की जा रही थी। इसी मांग को देखते हुए सिद्दन रोड के पास नये पोस्टमार्टम हाउस को बनाए जाने की मंजूरी दी गई थी।
पोस्टमार्टम के लिए 47.48 लाख रुपये का बजट जारी किया गया था। इसमें से करीब 38 लाख रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन अभी भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। लंबे समय से काम बंद होने के कारण अधूरे निर्माण कार्य को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किया जा रहा है और भवन के अंदर असामाजिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।
बजट खपाने को बेमतलब के काम मंजूर
वित्तीय वर्ष की समाप्ति करीब होते ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई गैर जरूरी कार्यों को मंजूरी दे दी गई है। जिला अस्पताल में इमरजेंसी कक्ष के आगे से बनी हुई गैलरी को तोड़कर फिर से निर्माण कराया जा रहा है। जब से इस गैलरी का निर्माण हुआ है, कभी उसका उपयोग नहीं किया गया।
कुछ दिन पहले ही इस गैलरी को तोड़कर फिर से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस निर्माण कार्य की गुुणवत्ता देखी जा सकती है। अस्पताल प्रशासन इस निर्माण कार्य पर कुछ भी बोलने से बच रहा है।