संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शासन ने जिले में 33 राजकीय हाई स्कूल के निर्माण को स्वीकृति दी थी। इनमें पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को अगले सत्र 2027-28 तक का इंतजार करना होगा। वर्तमान में शासन से स्वीकृत 33 विद्यालयों के सापेक्ष 29 के भवनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जो महज 60 से 70 फीसदी ही हो सका है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भवन हस्तांतरित होने के बाद पद सृजित होंगे। इसके साथ ही कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा।
शासन ने ग्रामीणों को आस-पास में ही शिक्षा की सुविधा को राजकीय हाई स्कूल की सौगात दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भवन के सुपुर्द होने पर आगामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। भवन मिलने के बाद विद्यालयों में पद सृजित होंगे। इनमें अध्यापकों की तैनाती के बाद प्रवेश प्रक्रिया अपनाकर कक्षाएं संचालित कराई जाएंगी। अन्यथा में आस-पास के विद्यालयों से शिक्षकों को लगाकर कक्षाएं संचालित कराई जाएंगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नवंबर में भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना है। इसके बाद आगामी प्रकिया अपनाई जाएगी। इससे स्पष्ट है कि इस सत्र में कक्षाएं शुरू नहीं हो सकेंगी।
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टेंडर प्रकिया में उलझे चार विद्यालय
शासन ने 33 राजकीय हाईस्कूलों को निर्माण की स्वीकृति दी थी। इनमें 29 विद्यालयों का निर्माण कार्य चल रहा है। चार विद्यालयों का निर्माण कार्य शुरू तक नहीं किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चार विद्यालय के भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद ही कार्य शुरू होगा।
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फैक्ट फाइल
स्वीकृत विद्यालय - 33
निर्माण कार्य शुरु - 29
टेंडर प्रक्रिया में - 04
एक विद्यालय की निर्माण लागत- 1.29 करोड़
निर्मााण स्थिति - 60 से 70 फीसदी
कार्य पूर्ण अवधि - नवंबर 2026
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जनपद में 29 राजकीय हाईस्कूलों का निर्माण किया जा रहा है। चार विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। भवन सुपुर्द होने के बाद कक्षाएं संचालित की प्रकिया अपनाई जाएगी।-ओमप्रकाश, डीआईओएस