ललितपुर। फास्ट ट्रैक कोर्ट से सास और साले को जिंदा जला देने वाले सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के अभियुक्त को फांसी की सजा दिलाने वाले सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता और मुख्य गवाह को 27 जनवरी को अभियोजन निदेशालय द्वारा लखनऊ में सम्मानित किया जाएगा।
अदालत ने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह की दलीलों के आधार पर सुनवाई कर करीब ढाई वर्ष पूर्व 13 अगस्त 2015 को ग्राम खौंखरा निवासी अभियुक्त जुगल अहिरवार को दोषी पाते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। अभियुक्त ने पत्नी से विवाद के बाद थाना बानपुर अंतर्गत ग्राम अजनौरा में पहुंचकर अपनी सास चमेली बाई और साले दीपचंद अहिरवार को घर में सोते समय पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था।
इस हत्याकांड में अभियोजन अधिकारी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने 13 गवाह पेश कर साक्ष्यों के साथ दलील देकर अभियुक्त को फांसी की सजा दिलाने की पैरवी की थी। न्यायाधीश ने 13 अगस्त 2015 को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी।
अभियोग के अभियोजन अधिकारी/जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव, अभियोग के विवेचक विपिन कुमार सिंह और अभियोग के एक मुख्य गवाह दिनेश कुमार को 27 जनवरी को सुबह साढ़े 11 बजे अभियोजन निदेशालय द्वारा उप्र पुलिस रेडियो मुख्यालय लखनऊ सभागार में सम्मानित किया जाएगा।
ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी द्वारा पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है कि थानाध्यक्ष बानपुर, तत्कालीन विवेचक एसआई विपिन कुमार सिंह और मुख्य गवाह दिनेश को उपस्थित कराएं।