तहसील पाली अंतर्गत बड़गाना और बैरवारा गांव के बीच स्थित सजनाम बांध के भराव क्षेत्र में बना पुल खस्ताहाल हो चुका है। बारिश में बांध के ओवर फ्लो हो जाने के कारण पुल की दोनों तरफ की मिट्टी बह गई और पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। टूटा हुआ पुल दुघर्टनाओं को न्योता दे रहा है।
यह पुल करीब 22 वर्ष पहले सिंचाई विभाग ने बनवाया था, लेकिन आज यह पुल पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। बारिश के मौसम में वाहन निकालना तो दूर की बात यहां पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। क्षेत्रवासियों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। सर्दियों में ग्रामीणों ने लकड़ी का पुल बनाकर रास्ता बना लेते हैं, इससे यातायात भले ही शुरू हो जाता है लेकिन उनकी जान हमेशा जोखिम में रहती हैं। कुछ दिनों पहले ही ग्रामीणों ने पैसा एकत्रित कर मशीन के द्वारा मिट्टी ड़लवा कर रास्ता बनवाया था, लेकिन वह भी कारगर नहीं हुआ। क्षेत्रवासियों ने पुल ठीक कराने के लिए कई बार शासन-प्रशासन से मांग की, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह काम नहीं हो पा रहा है। इस रास्ते से लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों वालों के लिए यह मात्र सड़क है। ऐसे हालातों में ग्रामीणों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ती है। पुल बनवाने के लिए नेताओं ने आश्वासन तो खूब दिए लेकिन पहल किसी ने नहीं की। ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल बन जाने से दर्जनों गांवों के लोगों को सुविधा हो जाएगी। इसमें बड़गाना, बैरवारा, सिंदवाहा, झरावटा, ककरूआ, बनयाना, जमुनिया, बछरई आदि गांव के लोगों को यह समस्या है।
बरसात के मौसम में होती दिक्कत
बरसात के मौसम में यह रास्ता बंद हो जाता है। इस कारण लोगों को पांच किलोमीटर से अधिक की दूरी तयकर घूमकर आना पड़ता है। पुल बन जाने से दर्जनों गांवों का भला होगा।
सुरेंद्र सिंह बुंदेला, बरेजा गांव
मंत्री से है आस
प्रदेश में सरकार और क्षेत्रीय विधायक के मंत्री बनने के बाद आशा जगी है कि यहां पुल बनेगा। पिछले पांच सालों से यहां के लोग परेशानी से जूझ रहे हैं। भूपेंद्र सिंह
एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित
इस पुल से एक दर्जन से अधिक गांव के लोग निकलते हैं। रोज सैकड़ों वाहनों का आवागमन होता है। कई बार शिकायत कर चुके हैं। अब नई सरकार से आशा है कि कुछ भला होगा।
छुट्टन दुबे
कई बार भेजा प्रस्ताव
कई बार लोकनिर्माण विभाग और लघु सिंचाई विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेजा है। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। क्षेत्र की यह बहुत बड़ी समस्या है। पुल बन जाए तो समस्या का समाधान हो जाएगा।
जाहर सिंह, ग्राम प्रधान बड़गाना