ललितपुर। नगर कांग्रेस कमेटी की बैठक में गेहूं खरीद पर बैठाई गई जांच का स्वागत किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि जिलास्तरीय अफसर चेत जाते तो पहले ही गेहूं खरीद की गड़बड़ी खुल जाती। उन्होंने गेहूं में बालू की मिलावट के प्रकरण को भी जांच का बिंदु बनाने की मांग की है।
नगर अध्यक्ष हरीबाबू शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में जनकल्याणकारी योजना के तहत गेहूं खरीद की गई। इस खरीद में कुछ नेताओं, व्यापारियों और विभागीय कर्मियों की जुगलबंदी से गड़बड़ी बरती गई। किसानों ने कई बार क्रय एजेंसियों की मिलीभगत की शिकायतें की। कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए किसानों का गेहूं खरीदने की मांग की। किसान संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। इससे यह हुुआ कि कुछ व्यापारियों ने पूल बनाकर किसानों को मनमाने तरीके से लूटा। किसानों की एक नहीं सुनी गई। जब एफसीआई की गोदाम में गेहूं का भंडारण किया जा रहा था, उसी दौरान एक एजेंसी ने गेहूं में मिली बालू को खपाने का प्रयास किया था। क्वालिटी मैनेजर के कहने पर उसे रिजेक्ट कर दिया गया। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने तीन दिन का उपवास किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस वजह से आखिरी दिनों में अप्रत्याशित तरीके से गेहूं खरीद का प्रतिशत बढ़ गया। अब मंडलायुक्त ने गेहूं खरीद की गड़बड़ी को संज्ञान में लेकर जांच कराने का निर्णय लिया है। इससे गेहूं खरीद में गड़बड़ी करने वालों के चेहरे उजागर होंगे। बैठक में अजय तोमर, रामनरेश दुबे, रेखा गौर, प्रदीप रिछारिया, अजय कुशवाहा, मो आसिफ, समद खान, मोंटी शुक्ला, अंकित यादव, संजय जाटव, कुलदीप पाठक, संजीव हुंडैत उपस्थित रहे।