अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। दो दिनों से मौसम का मिजाज बदल रहा है। दिन में तेज धूप तो रात में सर्दी पड़ने से न्यूनतम और अधिकतम पारा बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि छेदक कीट मटर की फलियों में छेद कर दानों को नुकसान कर रहा है तो माहू कीट सरसों और मसूर की फसल को चौपट कर रही है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि इसी तरह का मौसम रहा तो गेहूं की पैदावार पर असर पड़ सकता है।
दो दिन में अचानक गरमाहट आ गई है। न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 12 डिग्री पर और अधिकतम पारा 20 से बढ़कर 25 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। 48 घंटे में तीन से पांच डिग्री तापमान उछलने से किसान चिंतित हैं। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री तक पहुंच गया तो अधिकतम तापमान 25 डिग्री रहा। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार दो दिनों तक यही स्थिति रहने वाली है। इसके बाद फिर से तापमान में गिरावट आ सकती है। वहीं, फसलों को अभी सर्दी की आवश्यकता बताई जा रही है। तापमान बढ़ने से यानि सर्दी कम होने से फसलों की बढ़वार पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
गर्मी से माहू और छेदक कीटों का आतंक
मड़ावरा। बीते दो दिनों से मौसम में अचानक हुए बदलाव और गर्मी से फसलों को माहू एवं छेदक कीटों का प्रकोप झेलना पड़ रहा है। छेदक कीटों द्वारा मटर की फलियों में छेद कर दानों को नुकसान किया जा रहा है। माहू कीट सरसों और मसूर की फसल को चौपट कर रही है। गर्मी से फसलों को हो रहे नुकसान से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिख रही हैं। किसानों ने कृषि विभाग से माहू एवं छेदक कीटों से फसल की सुरक्षा के लिए छिड़काव वाली आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। संवाद