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किसानों के कागजात पर गेहूं बेचने वालों का बिगड़ेगा खेल

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ललितपुर। किसानों के दस्तावेजों पर सरकारी समर्थन मूल्य का लाभ उठाने वालों का खेल अब आसान नहीं रहा। शासन ने खरीद में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के मकसद से गेहूं क्रय केंद्रों पर ई-पॉश मशीन के इस्तेमाल को मंजूूरी प्रदान कर दी है। इससे बिचौलियों के मंसूबों पर पानी फिरना तय है। अब ई- पॉश मशीन पर किसान के अंगूठे की पहचान के बाद ही गेहूं बेचा जा सकेगा।
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जनपद में एक अप्रैल से गेहूं खरीद के लिए 50 केंद्र खोल दिए गए हैं। इसमें पीसीएफ के 40 एवं अन्य एजेंसी के 10 केंद्र शामिल हैं। केंद्रों पर किसान 1,975 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से अपना गेहूं बेच सकेंगे। खरीद के दौरान हर साल व्यापारियों का माल केंद्रों पर तौलने की शिकायत होती थी। इस दौरान कई बिचौलिए किसानों के कागजात जुटा लेते थे और उन पर बाजार से सस्ती दरों पर खरीदा गेहूं खपा देते थे। इस तरह की शिकायत पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से खरीद में बदलाव किया गया है।
अब केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए पहुंच रहे किसानों को ई-पॉश मशीन पर अपना अंगूठा लगाना होगा। जब ई- पॉश मशीन किसान के अंगूठे को पहचान लेगी, तब जाकर उसके गेहूं की तुलाई की जाएगी। उधर, विभाग द्वारा ई-पॉश मशीन को खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है। एक सप्ताह में मशीनें उपलब्ध होने की संभावना है, तब तक गेहूं खरीद केंद्रों पर बिना मशीन के गेहूं खरीदा जाएगा। इसके अलावा ऑनलाइन टोकन जारी किए जा रहे हैं। एक केंद्र पर एक दिन में अधिकतम 600 क्विंटल गेहूं खरीदा जा सकेगा। किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान अपना आधार संख्या, आधार कार्ड, कुल रकबा एवं बोए गए गेहूूं के रकबे को अंकित करना होगा।
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ई- पॉश मशीन एक सप्ताह में उपलब्ध होने की संभावना है, तब तक बिना मशीनों के गेहूं खरीद केंद्रों पर खरीद चलती रहेगी। जैसे ही मशीनें मिल जाएगी, उनका प्रयोग आरंभ हो जाएगा।
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- राकेश कुमार त्रिपाठी
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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