कारीटोरन/ ललितपुर। गेहूं खरीद केंद्र प्रभारी अधिकारियों के निर्देशों को हवा में उड़ा रहे हैं। इस वजह से कई किसान अपना गेहूं खरीद केंद्रों पर नहीं बेच पा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी टोकन की बाध्यता बताकर गुमराह कर रहे हैं।
शासन ने केंद्र पर उपज लेकर पहुंच रहे किसानों का गेहूं खरीदने के निर्देश जारी किए हैं, चाहे उनके पास टोकन हो या न। इन निर्देशों का अनुपालन केंद्रों पर नहीं हो पा रहा है। कई केंद्र प्रभारी टोकन की बाध्यता बताकर किसानों को लौटा रहे हैं। ब्लॉक बार क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कारीटोरन के किसान सुकलाल व अरविंद प्रजापति का कहना है कि गेहूं खरीद के लिए टोकन बड़ी परेशानी बन गई हैं। सर्वर डाउन होने से टोकन निर्गत नहीं हो पा रहा है। एक अप्रैल से टोकन लगाना चालू किया था, पर अभी तक एक भी टोकन नहीं लग सका है। यदि केंद्र प्रभारी के पास जाओ तो बोलते हैं कि टोकन लगाओ। इस तरह केंद्र प्रभारी मनमानी कर रहे हैं।
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कोरोना से भयभीत किसानों की नहीं सुन रहे अफसर
इस समय कोरोना की दूूसरी लहर का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इससे किसान भयभीत नजर आ रहे हैं। कंप्यूटर सेंटर के कई चक्कर लगाने के बाद जब टोकन नहीं मिला तो कई किसान घर बैठ गए हैं और अब वह गल्ला मंडी खुलने का इंतजार कर रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि गल्ला मंडी में समर्थन मूल्य से कम रेट में गेहूं बिकेगा, लेकिन परेशानी तो नहीं झेलनी पड़ेगी। इस तरह कई किसान हताश निराश होकर घर बैठ गए हैं।
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टोकन के नाम पर किसी किसान को लौटाने की लिखित शिकायत अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। यदि कोई किसान शिकायत करता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- राकेश कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी