संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य दिलाने के लिए प्रशासन ने व्यापारियों पर शिकंजा कसा है। अब मंडी में गेहूं की खरीद पर रोक लगा दी गई है। व्यापारियों के यहां आने वाला गेहूं सीधे क्रय केंद्र पहुंचाया जा रहा है। मौके पर ही लेखपाल और कंप्यूटर ऑपरेटर किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण व सत्यापन कर रहे हैं। इसके बाद गेहूं की तौल की जा रही है। वहीं, कई किसान तत्काल पैसों की आवश्यकता के चलते गेहूं लेकर वापस चले गए।
गल्ला मंडी में गेहूं बेचने आ रहे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के बराबर कीमत नहीं मिल पा रही थी। व्यापारी 2150 से 2250 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रहे थे। साथ में क्रय केंद्रों पर पर्याप्त गेहूं नहीं आ पा रहा था। ऐसे में जिलाधिकारी ने मंडी में गेहूं की खरीद पर रोक लगा दी है। मंडी में ही मुख्य द्वार पर राजस्व कर्मी व कंप्यूटर ऑपरेटरों को तैनात कर दिया है, जो क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। यहीं पर लेखपाल किसानों के आवेदन का सत्यापन कर रहे हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी आरके त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को 2200 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई, अब तक के रिकॉर्ड में एक दिन में सबसे अधिक है। अब तक 4500 मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है। मंडी में उपजिलाधिकारी सदर चंद्रभूषण प्रकाश सिंह, तहसीलदार व चकबंदी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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50 क्रय केंद्रों पर तैनात किए कर्मचारी
जिलाधिकारी ने सभी क्रय केंद्रों पर एक राजस्व कर्मचारी व एक कृषि विभाग के कर्मचारी को नियुक्त किया है। इन दोनों कर्मचारी को प्रतिदिन 10-10 किसानों के पंजीयन करने का लक्ष्य दिया गया है।
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कई किसान गेहूं लेकर हो गए वापस
सोमवार को गल्ला मंडी में आए कुछ किसान गेहूं लेकर वापस हो गए। उनका कहना था कि उन्हें तत्काल पैसों की जरूरत है। क्रय केंद्र पर गेहूं डालने से तुरंत पैसा नहीं मिलेगा। ऐसे में गेहूं लेकर वापस जा रहे हैं।