ललितपुर। वजन दिवस के लिए नामित सेक्टर प्रभारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। संदर्भदाताओं ने कहा कि हर आंगनबाड़ी केंद्र पर दस से बारह बच्चे गंभीर अल्पवजन के होते हैं। इस मौके पर वजन दिवस को चुनाव की तर्ज पर मनाए जाने को कहा गया।
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश में शून्य से पांच साल के लगभग दो सौ चालीस लाख बच्चों में से तेईस लाख बच्चे गंभीर अल्पवजन के हैं। लेकिन, इनमें से केवल ढाई लाख बच्चों को ही गंभीर अल्पवजन की श्रेणी में चिह्नित किया गया है। वर्ष 2013 में भारत सरकार ने सर्वे कराया था, इसमें पाया गया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर दस से बारह बच्चे गंभीर अल्पवजन के होते हैं, जबकि वर्तमान में केवल एक- दो बच्चे ही चिह्नित किए जा रहे हैं।
इस गैप को पूरा करने के उद्देश्य से सात व दस सितंबर को वजन दिवस मनाया जा रहा है। प्रथम चरण में सात सितंबर को ब्लाक मड़ावरा, महरौनी, बिरधा व शहर में वजन दिवस मनाया जाएगा। द्वितीय चरण में दस सितंबर को शेष ब्लाकों में वजन दिवस मनाया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर शून्य से पांच वर्ष के बच्चों की सूची तैयार करा ली गई है। वजन दिवस के दौरान सेक्टर प्रभारियों के साथ सुपरवाइजर साथ रहेगी, जिससे निरीक्षण में सेक्टर प्रभारियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार उपाध्याय ने कहा कि सभी नामित सेक्टर प्रभारी, पर्यवेक्षण अधिकारी, सीडीपीओ, मुख्य सेविकाएं, कार्यकत्री, आशाएं अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता से करें। उन्होंने सभी से वजन दिवस को चुनाव की तरह सफल आयोजन बनाने को कहा है। प्रशिक्षण में डीडीओ देवेंद्र प्रताप, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी जेएस वक्सी, जल निगम के अधिशासी अभियंता यशवीर सिंह, उप कृषि निदेशक हंसराज, समस्त सेक्टर प्रभारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी व मुख्य सेविकाएं उपस्थित रही।