संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मौसम में हो रहे परिवर्तन व खान-पान में लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। उल्टी दस्त और पेटदर्द के मरीजों की संख्या 20 फीसदी बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 80 से 100 मरीज इस तरह की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि उल्टी दस्त, पेटदर्द, बुखार, सर्दी-खांसी और सिरदर्द के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। इनको दवाइयों के साथ ही बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं।
वर्तमान में बारिश होने व हवा चलने पर गर्मी से राहत मिली है। हल्की धूप व हवा थमने से उमस के साथ भीषण गर्मी का अहसास हो रहा है। ऐसे में मौसम के उतार-चढ़ाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में सोमवार को 620 मरीज ओपीडी में आए।
इनमें उमस भरी गर्मी से पाचन-तंत्र बिगड़ने से डिहाइड्रेशन की स्थिति बन रही है। पानी की कमी होने से व खान-पान बिगड़ने से लोग ज्यादा संख्या में डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य डॉ. निखिल गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में लगभग 80 से 100 मरीज उल्टी व दस्त की समस्या के आए। 24 घंटे में 15 से 20 डायरिया के मरीज भर्ती हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि वायरल का प्रकोप भी बढ़ा हुआ है। इससे बुखार, जुकाम व खांसी के अधिक मरीज आ रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों की सलाह है कि अधिक-से-अधिक पानी पिएं। दिनचर्या व खानपान बदल लेना चाहिए। गर्मी तेजी से बढ़ी है। ऐसे में पेय पदार्थों, फल व सब्जियों का सेवन ज्यादा मात्रा में करना चाहिए। ज्यादा वसा वाला भोजन न करें। साफ पानी पिएं। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
-
बढ़ने लगीं मरीजों की कतार
मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में लगभग डेढ़ हजार मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। मेडिसिन विभाग, चर्म रोग विभाग और अस्थि रोग विभाग में अधिक मरीज आ रहे हैं। वहीं ईएनटी में भी 100 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इससे जगह-जगह मरीजों की कतार लग रही है। सोमवार को पर्चा काउंटर पर मरीजों को 20 से 30 मिनट तक अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ा। यही हाल ओपीडी व दवा वितरण कक्ष के बाहर बना रहा।