नेहरुनगर में साइकिल पर डिब्बा लादकर पानी भरता व्यक्ति
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ललितपुर। वार्ड नंबर तीन नेहरू नगर पेयजल समस्या से उबर नहीं पा रहा है। कुछ बस्तियां ऐसी हैं, जहां पर कभी- कभार ही पानी की आपूर्ति होती है। पतरुआ माता मंदिर के सामने की गली और रेलवे अस्पताल के पीछे गली नंबर एक है। यहां के लोग पूरे गर्मी के सीजन में पेयजल के लिए परेशान रहे।
नेहरू नगर पेयजल योजना के तहत पाइप लाइन का विस्तार किया जा रहा है। इस योजना को मूर्त रूप देने में करीब एक साल का समय लगने का अनुमान है। मौजूदा समय में यहां के लोग जल संस्थान की आपूर्ति पर निर्भर हैं, वह भी धोखा दे रही है। इनमें बसुरयाना मोहल्ला के आसपास के क्षेत्र में कई दिनों से पाइप लाइन सूखी पड़ी है। इस कारण घरों में नल नहीं आ रहे हैं। यहां के लोगों का कहना है कि कभी- कभार ही नलों से पानी की बूंदें टपकती हैं। इसमें से बमुश्किल किसी को एक-दो डिब्बा पानी नसीब हो पाता है। मोहल्लेवासियों को बड़ी दूर से हैंडपंपों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। कई जगहों पर हैंडपंप भी खराब पड़े हैं, जिससे समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।
लोग बोले-जल संस्थान के अधिकारी नहीं कर रहे सुनवाई
मूलचंद्र साहू ने बताया कि नाममात्र की आपूर्ति में कभी पांच मिनट तो कभी दस मिनट तक ही पानी आता है। नल चले जाते हैं, इससे पूरा पानी नहीं भर पाता है। मथुरा प्रसाद ने बताया कि पाइप लाइन डेढ़ या दो घंटे तक भरवाई जाए और इसके बाद नेहरू नगर में पानी की टंकी को रोज सुबह पांच बजे खोला जाए तो सभी नेहरू नगर वासियों को पानी मिल जाएगा। लेकिन, ऐसा किया नहीं जा रहा है। पंकज परिहार ने बताया कि मोहल्लेवासियों ने अभी 24 जुलाई को शिकायत की थी। लेकिन, चार दिन बीतने के बाद भी अभी तक जल संस्थान के अधिकारियों ने पानी की समस्या का समाधान नहीं कराया है। संतोष कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधि टंकी निर्माण होने का हवाला देकर समस्या से पल्ला झाड़ लेते हैं। अधिकारियों से कहते हैं तो वे भी आश्वासन देकर अपने हाल पर छोड़ देते हैं। ब्रजकिशोर ने कहा कि मोहल्ले के कई हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिनकी सुध नहीं ली जा रही है।
दो हैंडपंप खराब हैं, जिन्हें सुधरवाने के निर्देश अवर अभियंता को दे दिए हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्र में पाइप से जलापूर्ति की समस्या है। निचले इलाकों में लोगों को पानी उपलब्ध हो रहा है।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान