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महरौनी में जलसंकट

Mon, 29 Feb 2016 01:50 AM IST
ब्यूरो
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महरौनी। सूखा की विभीषिका झेल रहे जिले में फरवरी माह के अंत में ही जलसंकट गहराने लगा है। ऐसे में लोग प्रशासन की ओर मदद कर बाट जोह रहे हैं। शनिवार को महरौनी में आयोजित अमर उजाला की चौपाल में अधिकांश लोगों ने पेयजल की समस्या के निदान को लेकर अधिकारियों से मदद की मांग की।
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कस्बा महरौनी के अनेक ऐसे मुहल्ले हैं, जहां गर्मी के मौसम की शुरुआत में ही लोगों के सामने पानी की किल्लत शुरू हो गई है। इनमें मुहल्ला कायस्थपुरा व कछियाना के नागरिकों के मुताबिक जलस्तर नीचे गिरने से अधिकांश हैंडपंपों ने जवाब दे दिया है तो अभी कुछ सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं।

मुहल्ले में  नल की नई पाइप लाइन बिछवाने की मांग की गई है। लगभग दस साल पहले तक मुहल्ले में नल से जलापूर्ति होती थी, लेकिन विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से पाइप लाइन चोक हो गई और अब नलों में पानी नहीं आ रहा, जबकि मुहल्ले में अनेक कनेक्शन हैं।
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कस्बा के नाराहट रोड मुहल्ले में भी पेयजल की समस्या है और बोर सूख गए हैं। पानी की समस्या को लेकर मुहल्ले की दर्जनों महिलाओं ने एडीएम को ज्ञापन देकर पाइप लाइन बिछवाने की मांग की थी। साथ ही बताया था कि मुहल्ले में बड़ी पानी की टंकी स्थापित है, लेकिन मुहल्लेवासी पानी के लिए तरस रहे हैं।

इसी तरह टीकमगढ़ रोड पर नल की पाइप लाइन बहुत समय पहले बिछ चुकी है, लेकिन पाइप लाइन को अभी तक किसी भी जलस्रोत से नहीं जोड़ा गया है, इससे मुहल्लेवासी आक्रोशित हैं। लोगों का कहना है कि इस मुहल्ले की मिट्टी खराब होने के कारण जो निजी बोर लोगों द्वारा कराए गए थे, वह धंस गए हैं, ऐसे में जलसंकट है।

नागरिकों ने नल की पाइप लाइन शुरू करने की मांग की थी। इसी तरह शिक्षक कॉलोनी, कंचनपुरा, बानपुर रोड, पंडा कॉलोनी आदि अन्य मुहल्लों में हैंडपंप सूखने से जलसंकट गहरा गया है और नागरिकों ने रीबोर कराने की मांग की है, ताकि समय रहते समस्या का समाधान हो सके।
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