ललितपुर। मोहल्ला नेहरू नगर कंटेनमेंट जोन घोषित होते ही पेयजल की समस्या बढ़ गई है। यहां पहले से ही पाइप लाइन की आपूर्ति बाधित है और अब बेरीकेडिंग के कारण जल संस्थान के टैंकर कई स्थानों पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्थानीय लोगों को टैंकर का पानी लेने के लिए काफी दूर तक पहुंचना पड़ रहा है। ऐसे में सोशल डिस्टेंस का पालन कराना चुनौती बन गया है। टैंकर पर लग रही भीड़ देखते ही बन रही है।
मोहल्ला नेहरू नगर में गत दिवस एक महिला कोरोना से संक्रमित पाई गई थी। इसके बाद क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। जो पानी की टैंकर पहुंचते थे, वह अब पहुंच नहीं पा रहे हैं। इससे क्षेत्र में पेयजल की समस्या बढ़ गई है। यहां के लोग पहले से टैंकर की जलापूर्ति पर निर्भर थे। अब जलसंस्थान के पानी के टैंकर नैन्सी गार्डन के पास, मंदिर के पास और हड्डी मिल के पास नहीं पहुंच पा रहे हैं।
अब नरेंद्र मेडीकल स्टोर के पास, श्यामा गार्डन, फौजी के पास, वंशीधाम कॉलोनी में झिब्बू की दुकान के पास पहुंच रहे टैंकरों पर पानी के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी है। ऐसे में प्रशासन के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना मुश्किल हो गया है। सोशल डिस्टेंस की समस्या अकेले नेहरू नगर की नहीं है, बल्कि आजादपुरा प्रथम में भी पहुंच रहे टैंकरों पर यही समस्या है। इस कारण शहर के विभिन्न मोहल्लों में कोरोना वायरस के फैलने का खतरा अभी टला नहीं है। हालांकि, स्थानीय लोग इससे बेपरवाह नजर आ रहे हैं।
कई गांव भी टैंकर के सहारे
शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस समय 85 ग्राम पंचायतों में 146 पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं। इसकी वजह इन ग्रामों में या तो हैंडपंप पानी कम दे रहे हैं या फिर एकल पेयजल परियोजनाओं का हाल- बेहाल है। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि जिले में 33 में से 15 परियोजनाएं ही पूर्ण क्षमता से पानी लोगों को उपलब्ध करा रही हैं।
जिन क्षेत्रों में बेरीकेडिंग लगाई गई है, केवल उन क्षेत्रों में पानी टैंकर नहीं पहुंच पा रहे हैं। अन्य क्षेत्रों में टैंकर रोज की तरह भेजे जा रहे हैं।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान