ललितपुर। मंडलायुक्त ने शनिवार को जल निगम कार्यालय और जल संस्थान के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें दोनों जगह गंदगी व कमियां मिलीं। इस पर उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि देने व जल निगम निर्माण इकाई के कैशियर का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दौरे के मद्देनजर मंडलायुक्त के राममोहन राव ने शनिवार को सबसे पहले जल संस्थान के जल शोध संयंत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कच्चे पानी के शोध की प्रक्रिया की जानकारी विभागीय अफसरों से ली। निरीक्षण में शोध संयंत्रों में जगह-जगह गंदगी पाई गई। इस पर उन्होंने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता इंजी. रघुवेंद्र को कमियां दूर करने के निर्देश दिए। यहां से जल निगम निर्माण इकाई के कार्यालय पहुंचे। निरीक्षण के समय प्रोजेक्ट मैनेजर इंजी. एएस कटियार कार्यालय में नहीं मिले। इस पर उन्होंने नाराजी जाहिर की। यहां उन्होंने कमियां मिलने पर कैशियर का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके उपरांत उन्होंने जल निगम कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय में गंदगी व अलमारी में अव्यवस्थित फाइलें मिलने पर जल निगम के अधिशासी अभियंता इंजी. यशवीर सिंह को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि पिछले निरीक्षण में हिदायत देने के बाद भी कार्यालय की कमियां दूर नहीं की गई।
उन्होंने अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिए, साथ ही चेतावनी दी कि तबादले के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने निर्देशों के बाद भी जल निगम कार्यालय का निरीक्षण नहीं कराने पर अपर जिलाधिकारी एमके त्रिवेदी से भी नाराजी व्यक्त की। निरीक्षण के समय डीएम डा. रूपेश कुमार, अपर जिलाधिकारी एमके त्रिवेदी, एसडीएम सदर रमेशचंद्र तिवारी आदि साथ रहे।