संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। इस बार मतदान प्रतिशत में भारी गिरावट आई है, हालांकि प्रदेश के अन्य जनपदों से ज्यादा मतदान हुआ है। जनपद में 68.44 प्रतिशत मतदान हुआ है। विगत वर्षों के चुनाव पर नजर डालें तो इस वर्ष करीब चार प्रतिशत मतदान कम हुआ है।
लोकसभा चुनाव में सोल्दा और बमौरी नागल गावों में शतप्रतिशत मतदान का भले ही जनपद ने कीर्तिमान स्थापित किया हो, लेकिन पिछले संसदीय चुनाव के मुकाबले कम मतदान हुआ है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जनपद में 73.99 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसमें ललितपुर विधानसभा क्षेत्र में 71.33 प्रतिशत व महरौनी में 76.88 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं, 2019 के लोकसभा चुनाव में 2014 के मुकाबले करीब एक प्रतिशत कम मतदान हुआ था। इस चुनाव में 72.35 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसमें ललितपुर विधानसभा क्षेत्र में 69.69 प्रतिशत व महरौनी में 75.41 फीसदी वोट पड़े थे। इस बार जनपद में पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले चार प्रतिशत वोट कम पड़े हैं। वर्तमान लोकसभा चुनाव में 68.44 प्रतिशत वोट पड़े, जिसमें ललितपुर विधानसभा क्षेत्र में चार प्रतिशत व महरौनी में पांच प्रतिशत वोट कम डाले गए। ललितपुर में 65.97 प्रतिशत वोट डाले गए, तो महरौनी विधानसभा क्षेत्र में 70.92 प्रतिशत वोट पड़े।
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गर्मी को माना जा रहा कम वोट पड़ने का कारण
वोट कम पड़ने का कारण गर्मी को माना जा रहा है। जनपद में सुबह नौ बजे तक 16 प्रतिशत वोट पड़ चुके थे। इसके बाद 9 से 11 बजे तक भी करीब 17 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद दोपहर 11 से एक बजे तक कुल मतदान 47 प्रतिशत तक पहुंच गया, लेकिन अगले दो घंटों में महज छह से सात प्रतिशत ही मतदान हुआ। वोटर लिस्ट का सही तरह से दुरुस्त न होना भी मतदान प्रतिशत में कमी का कारण माना जा रहा है।