ग्राम रजपुरा में पट्टों के नाम पर धन उगाही की ग्राम प्रधान ने की थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। ग्राम सभा में रहने वाले भूमिहीनों को कृषि भूमि का पट्टा दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की लूट के मामले में मंडलायुक्त के निर्देश पर एसडीएम श्रीराम यादव ने जांच की। उन्होंने आरोपी ग्राम प्रधान और लेखपाल के बयान लेने के बाद दोनों को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट भेज दी।
विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामसभा रजपुरा में भूमिहीन किसानों को कृषि भूमि का पट्टा मुहैया कराने को दिसंबर 2022 में गांव के कुछ रसूखदार लोगों के माध्यम से ग्राम प्रधान और लेखपाल धन उगाही की। इसके काफी समय तक जब गांव के गरीबों को पट्टा नहीं मिला और उनकी लेखपाल ने अपना स्थानांतरण करवा लिया। पीड़ितों ने मंडलायुक्त के यहां लेखपाल पर पट्टों के नाम पर जमा धन वापस कराने की मांग की।
मंडलायुक्त ने एसडीएम को जांच कराने के निर्देश दिए। एसडीएम ने जांच में नायब तहसीलदार घनेंद्र तिवारी के बयान लिए। उन्होंने अवगत कराया कि जब वह बैठक में गए थे तब लेखपाल और ग्राम प्रधान ने अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए थे। ग्रामीणों ने लेखपाल और गाम प्रधान पर मिलीभगत के आरोप लगाया था। ग्राम प्रधान अतल बाई ने अपना दोष छिपाने के लिए शिकायती पत्र दिया।
ग्राम प्रधान और लेखपाल आकाश अग्रवाल के बयान लिए गए। उन्होंने एक दूसरे पर दोषारोपण करते हुए खुद को सही बताया। जांच में एसडीएम श्रीराम यादव ने ग्राम प्रधान और तत्कालीन लेखपाल दोनों को दोषी मानते हुए अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि दोनों के कृत्य से शासन प्रशासन की छवि खराब हो रही है। एसडीएम श्रीराम यादव ने बताया कि जांच में ग्राम प्रधान और लेखपाल दोषी पाए गए हैं।