ललितपुर।
पेशी करने गए कैदियों के फरार होने की परेशानी से बचने के लिए अब जेल
पुलिस को निजात मिल जाएगी। इसके लिए जिला जेल और जनपद न्यायालय में वीडियो
कांफ्रेंसिंग कक्षों का निर्माण किया जा रहा है।
प्रदेश भर में पेशी के
दौरान कैदियों के भागने की घटनाओं में बढ़ोत्तरी को देखते हुए शासन ने जिला
जेल व जनपद न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी कराने का
फैसला लिया गया है। सभी जिला जेलों व जनपद न्यायालय में वीडियो
कांफ्रेंसिंग कक्ष के निर्माण शुरू हो गए हैं। जनपद में तैयार होने वाले
कक्षों के लिए बजट की किस्त शासन ने जारी कर दी है। 72.61 लाख रुपये की
लागत से वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष बनाए जाने लगे हैं। यह कार्य जनवरी तक
पूर्ण हो जाएगा।
भागे हैं कई शातिर अपराधी
ललितपुर।
पुलिस अभिरक्षा से पेशी के दौरान कई कैदी फरार हो चुके हैं। इसके अलावा
पिछले कुछ वर्षों में जिला जेल में प्रदेश के अन्य जिलों के कुख्यात
अपराधियों को रखा जाने लगा है। कुख्यात अपराधियों को न्यायालय में पेश करने
के लिए पुलिस को दूसरे जिलों में पेशी पर ले जाना पड़ता है। इसी दौरान कई
कैदी योजनाबद्ध तरीके से फरार हो जाते हैं। 12 दिसंबर 2011 को जिला कारागार
में निरुद्ध जिला झांसी के रक्सा थाना क्षेत्र का शातिर अपराधी मंजीत लोधी
ललितपुर रेलवे प्लेटफार्म पर पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। उसे
शिवपुरी स्थित विशेष न्यायालय में एक मामले में पेशी के लिए दो पुलिस
कर्मियों की अभिरक्षा में ले जाया जा रहा था। मंजीत लोधी पर रक्सा एवं समथर
आदि थानों में लूट, डकैती, हत्या के प्रयास के लगभग आधा दर्जन मुकदमे दर्ज
हैं। 19 सितंबर 2009 को अभियुक्त दीपक सोनी आगरा में पेशी से लौटकर
रेलवे स्टेशन से पूर्व ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था। इसी तरह 15 अप्रैल
2010 को जिला जेल में बंद अभियुक्त साहिल को भोपाल में चल रहे एक आपराधिक
मामले की पेशी को ले जाया जा रहा था, इसी दौरान वह भोपाल के रेलवे
प्लेटफार्म नंबर एक से फरार हो गया था। 19 अगस्त 2010 को जिला जेल में बंद
कैदी बबलू लोधी को झांसी के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। बबलू
उपचार के दौरान ही पुलिस कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था।