ललितपुर। दीवाली के एक दिन पहले झांसी से बीना के बीच चलने वाली झांसी-बीना शटल ट्रेन के रद रहने से आम रेल यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। इसी तरह शताब्दी एक्सप्रेस पौने दो घंटे लेट रही। इससे उच्च वर्ग के रेल यात्री परेशानी रहे। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए साबरमती एक्सप्रेस को पैसेंजर ट्रेन बनाकर चलाया गया।
चित्रकूट में दीवाली पर्व की अमावस्या पर भगवान कामतानाथ जी का मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें विभिन्न जनपदों से भारी संख्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब पहुंचता है। इसके लिए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों की सुविधा हर वर्ष की जाती है। इस वर्ष भी अतिरिक्त व विशेष ट्रेनों की सुविधा चित्रकूट धाम के लिए कर्बी रेलवे स्टेशन तक रेलवे द्वारा की गई है। इसी कारण झांसी से बीना की ओर जाने वाली 51811 व 51812 झांसी-बीना शटल पैसेंजर ट्रेन की बोगियां अतिरिक्त और विशेष ट्रेनों में लगा दी गईं। इस कारण रेलवे ने मंगलवार को झांसी से बीना और बीना से झांसी जाने वाली शटल पैसेंजर ट्रेनों को रद कर दिया, जिससे रेल यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा, क्योंकि दीवाली को देखते हुए यात्रियों की काफी भीड़ थी।
हालांकि, रेलवे ने इस पैसेंजर के विकल्प के रूप में बीना की ओर जाने वाली 19166 अप अहमदाबाद-वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस को झांसी से बीना तक पैसेंजर बनाकर चलाया और बीना से झांसी की ओर जाने वाली 19167 डाउन अहमदाबाद-वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस को ललितपुर से झांसी तक पैसेंजर बनाकर चलाया। इससे यात्रियों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन भीड़ के कारण यात्रियों को ट्रेन में जगह नहीं मिली। खासकर सामान साथ लेकर चलने वाले यात्री परेशान रहे।
बीना शटल रद रहने से जहां आम यात्री परेशान रहे, वहीं शताब्दी ट्रेन देर से आने के कारण इसमें सफर करने वाले खास यात्री भी परेशान रहे। नई दिल्ली से भोपाल की ओर जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन में झांसी से पहले खराबी आने के कारण ट्रेन करीब पौने दो घंटे की देरी से लगभग डेढ़ बजे ललितपुर रेलवे स्टेशन पहुंची, जिससे ट्रेन में सफर करने वाले रेल यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।