ललितपुर। विभिन्न प्रकार की दलहनी फसलों पर लगने वाले वैट व मंडी शुल्क की चोरी की जा रही है। यह जिंसें बिना मंडी शुल्क के ही औद्योगिक क्षेत्र में एकत्रित कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मध्य प्रदेश और अन्य प्रदेशों को भेजी जा रही हैं। इससे राजस्व की भारी चपत लग रही है। चोरी रोकने के लिए गल्ला मंडी में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव है, लेकिन अब तक नहीं लगाए जा सके हैं।
प्रदेश की प्रमुख गल्ला मंडियों में शुमार जनपद की गल्ला मंडी में रोजाना दलहनी फसलें लेकर किसान बेचने के लिए आते हैं। यहां प्रतिमाह करीब दस करोड़ रुपये के अनाज की खरीद -फरोख्त होती है। यहां आने वाले किसानों से जिंस खरीदकर उसका भुगतान कर दिया जाता है, लेकिन किसानों से सिर्फ एक पर्ची पर लाखों रुपये की खरीद- फरोख्त की जा रही है। जबकि, नियमानुसार किसान को भुगतान सिक्स- आर पर किया जाना चाहिए। यहां से यह जिंस अन्य प्रदेशों को भेजी जाती हैं। लेकिन, अनेक व्यापारियों द्वारा दलहनों को बिना गेट पास या निकासी पर्ची के ही छोटे वाहनों से औद्योगिक क्षेत्र चंदेरा में आसानी से पहुंचा दिया जाता है।
सूत्रों के अनुसार रोजाना एक हजार कुंतल दालें औद्योगिक क्षेत्रों में ले जाकर मध्य प्रदेश अथवा अन्य प्रांतों को मंडी सचल दल की नजर बचाकर ले जाई जा रही हैं। नियमत: प्रत्येक प्रकार की दाल पर लगभग ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क, 50 पैसे विकास सेस व एक प्रतिशत वैट लगता है। यदि एक हजार कुंतल दाल पर यह शुल्क बचा लिया जाए तो मंडी समिति को लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान होता है।
पिछले दिनों मंडी सचल दल को ऐसी ही शिकायतें मिलने पर औद्योगिक क्षेत्र चंदेरा से पीछा करते हुए मसौरा बैरियर पर 22 लाख रुपये की कीमत की एक ट्रक उड़द पकड़ी थी, जिस पर 2.58 लाख रुपये जुर्माना लगाया था। इसके अलावा 20 हजार रुपये शमन शुल्क और 45 हजार रुपये मंडी शुल्क वसूला गया था। यह जिंस बिना मंडी गेट पास के ही पकड़ा गया था। यह तो मामला पकड़ में आ गया था, लेकिन जानकार बताते हैं कि लगभग एक हजार कुंतल दालें जिले से बाहर भेजी जाती हैं। इससे मंडी समिति को रोजाना अच्छी खासी चपत लगाई जा रही है।
इनका कहना है-गल्ला मंडी से निकलने वाली हर छोटी- बड़ी माल वाहक व अन्य गाड़ियों पर निकासी पर्ची काटी जा रही है। रोजाना नियमित रुप से चेकिंग हो रही है। बिना मंडी शुल्क के कोई भी गाड़ी बाहर नहीं निकल रही है। सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक बजट प्राप्त नहीं हो सका है।
- अनिल कुमार
मंडी सचिव, नवीन गल्ला मंडी, ललितपुर।