ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीसरी लहर से बचाव के लिए एक जुलाई से अधिक लोगों का टीकाकरण करने के लिए माइक्रोप्लान तैयार किया गया था, इसमें घर के पास ही वैक्सीनेशन शिविर लगाकर वैक्सीनेशन किया जाना था, लेकिन वैक्सीन की कमी के चलते कलस्टर की तैयारियां धरी की धरी रह गईं हैं। वर्तमान में सिर्फ ब्लॉक जखौरा व तालबेहट में टीकाकरण किया जा रहा है। इससे टीकाकरण की बढ़ती गति धीमी हो गई है।
कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण की रफ्तार में तेजी लाने के लिए घर के पास ही केंद्र बनाकर वैक्सीनेशन किए जाने की तैयारी विभाग द्वारा की गई है। इसमें टीकाकरण के लिए चुनावी तर्ज पर लोगों को घर पर बुलवाकर पर्ची भेजकर तिथि और स्थान की जानकारी देनी थी। इसके लिए ग्राम प्रधान, लेखपाल, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक, पंचायत सेक्रेटरी और युवक मंगल दल और महिला मंगल दल के लोगों को सहायता के लिए शामिल किया गया था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा माइक्रो प्लान तैयार किया गया था। इसमें विकासखंड व शहरी क्षेत्र में शहरी निकाय को इकाई के रूप में लेकर कार्ययोजना बनाई । जिसमें ब्लॉक के गांव को कलस्टर में बांटकर टीकाकरण किया जाना था। एक माह में टीमों को सभी जगह पर पहुंचने की तैयारी थी।
कलस्टर योजना में बदलाव कर दिया गया
जिले में बीते लगभग एक सप्ताह से वैक्सीन की कमी पड़ रही थी। स्थिति यह रही कि लक्ष्य पांच हजार के सापेक्ष मात्र दो से ढाई हजार डोज ही स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हो रहे थे। इससे कई लोग बिना टीका लगवाए दोपहर में ही वापस हो रहे थे। वैक्सीन की कमी के चलते कलस्टर योजना में बदलाव कर दिया गया है। विभाग को एक दिन में पांच हजार लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इससे छह ब्लॉक व शहरों क्षेत्रों में कलस्टर योजना न चलाकर मात्र दो ब्लाक जखौरा व तालबेहट में ही वैक्सीनेशन किया जा रहा है। अन्य ब्लॉक में टीकाकरण स्वास्थ्य इकाइयों पर ही किया जा रहा है।
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वैक्सीन के डोज की कमी है। एक दिन में पांच हजार डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे दो ब्लॉक में कलस्टर चलाई जा रही है।
- डॉ. हुसैन खां, नोडल अधिकारी, कोविड वैक्सीनेशन