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उटारी बांध : वन भूमि डायवर्जन व वृक्षों की कटान के लिए 2.03 करोड़ की मांग

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स्टेज-2 अनुमति से पहले भुगतान जरूरी, वन विभाग ने सिंचाई विभाग को भेजा पत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। उटारी बांध परियोजना को लेकर वन विभाग ने सिंचाई विभाग से 2.03 करोड़ रुपये की अतिरिक्त एनपीवी (नेट प्रजेंट वैल्यू) जमा करने की मांग की है। यह राशि परियोजना के दौरान प्रभावित 67.194 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि के डायवर्जन और 14,141 वृक्षों के पातन के एवज में मांगी गई है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि धनराशि जमा होने के बाद ही स्टेज-2 की अनुमति दी जाएगी।
तहसील महरौनी के ग्राम सूरीकलां क्षेत्र में उटारी नदी पर वर्ष 2008 में इस परियोजना का निर्माण शुरू हुआ था। बांध निर्माण के लिए लगभग 690.52 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया था। परियोजना तय समय में पूरी न होने से इसकी लागत में वृद्धि हुई और करीब 14 वर्ष बाद वर्ष 2022 में बांध बनकर तैयार हुआ। वर्तमान में इसमें जल भंडारण भी किया जा रहा है।
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परियोजना के दौरान वन विभाग की 67.194 हेक्टेयर आरक्षित भूमि प्रभावित हुई, साथ ही बड़ी संख्या में वृक्षों का पातन किया गया। वन विभाग ने अब संशोधित दरों के आधार पर अतिरिक्त एनपीवी की मांग करते हुए सिंचाई विभाग को पत्र भेजा है।
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उधर, सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2015 में उस समय प्रचलित दरों के अनुसार एनपीवी की धनराशि पहले ही जमा की जा चुकी है। विभाग के अनुसार, वर्तमान में मांगी जा रही राशि वर्ष 2022 में बढ़ाई गई दरों के आधार पर निर्धारित की गई है। डीएफओ नवीन शाक्य ने बताया कि एनपीवी की धनराशि जमा कराने के लिए सिंचाई विभाग से पत्राचार किया गया है। वहीं, अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्य मंडल जितेंद्र कनौजिया ने कहा कि मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और जल्द ही समाधान निकाल लिया जाएगा।


फैक्ट फाइल
326.80 मीटर — पूर्ण जलस्तर
322.80 मीटर — न्यूनतम जलस्तर
15.09 एमसीएम — जल भंडारण क्षमता
20.50 किमी — नहर व माइनर लंबाई
2400 हेक्टेयर — सिंचित क्षमता
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