ललितपुर। प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ सोमवार को सपा कार्यकर्ताओं द्वारा जनपद की पांच तहसीलों में ज्ञापन सौंपा गया। इसमें कोरोना संकट बढ़ने, किसान, नौजवान, बुनकर और समाज के दूसरे कमजोर वर्गों की उपेक्षा और आरक्षण को लेकर मांग बुलंद की गई।
सदर तहसील स्तर पर सपा जिलाध्यक्ष तिलक यादव के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन के जरिये भेजा गया। सपाइयों ने भाजपा सरकार आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में इन दिनों अराजकता की स्थिति है। किसान विरोधी अध्यादेश को संसद में पारित कर केन्द्र सरकार ने काला अध्याय लिखने का कार्य किया है। प्रदेश में रोजगार के अभाव में शिक्षित युवा आत्महत्या करने को विवश हैं। वहीं गन्ना किसानों का बकाया धनराशि का भुगतान नहीं किया गया है। तो वहीं ओलावृष्टि, अतिवृष्टि के चलते बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा भी आज तक पूरा नहीं दिया गया। समाजवादी पार्टी ने 13 सूत्रीय मांगों को रखते हुए समस्याओं के निस्तारण की मांग उठाई। ज्ञापन देते समय जिलाध्यक्ष तिलक यादव, फूलसिंह नन्ना, रमेश सिंह, ज्योति सिंह लोधी, रहीश सिंह, करतार सिंह, लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष आशीष अहारिया, यूथ ब्रिगेड जिलाध्यक्ष इंजी. हृदेश मुखिया, युवजन सभा जिलाध्यक्ष नेपाल सिंह मौजूद रहे।
पाली, मड़ावरा, महरौनी में भी दिया गया ज्ञापन
ललितपुर। प्रदेशीय आह्वान पर आयोजित कार्यक्रम में पाली, मड़ावरा, महरौनी व तालबेहट तहसील में भी ज्ञापन देते हुए समस्याओं के निस्तारण की मांग उठायी गई। पाली में जिला महासचिव कृष्ण स्वरूप निरंजन, नगर पंचायत पाली अध्यक्ष रामकुमार चौरसिया, खेमचंद्र चौरसिया, जयपाल सिंह, जितेंद्र सिंह, प्रवीण यादव, रितुराज यादव मौजूद रहे।
कलेक्ट्रेट में निजीकरण का विरोध प्रदर्शन करते समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता- फोटो : LALITPUR