ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत उर्दू शिक्षकों की भर्ती जांच ने गति पकड़ ली है। बीएसए ने सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी है। इससे उर्दू शिक्षकों में खलबली मच गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित विद्यालयों में विभिन्न भर्तियों के माध्यम से शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इस दौरान कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से शिक्षक की नौकरी पा ली है। इसे ध्यान में रखकर योगी सरकार विभिन्न भर्तियों की जांच करा रही है। जिनमें उर्दू भर्ती में भी गड़बड़ झाले की शिकायतें आईं हैं। इस तरह की शिकायतें आने पर बीते वर्षों में तत्कालीन जिलाधिकारी ने उर्दू शिक्षकों की भर्ती की जांच बैठाई थी, जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। विभागीय अफसर किसी न किसी तरीके से जांच को लटकाए रहे। बीते दिनों नवागत जिलाधिकारी ए दिनेश कुमार के समक्ष मामले को लाया गया। इस पर उन्होंने कार्रवाई को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। बीएसए रामप्रवेश ने अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति की सुनवाई की तारीख लगा दी है। जिसके चलते सात अक्तूबर को 14 शिक्षकों को साक्ष्य सहित अपर जिलाधिकारी कार्यालय में सुबह ग्यारह बजे उपस्थित रहने के लिए कहा है।
एक शिक्षिका पर ही हो पाई कार्रवाई
जिले में अभी तक एक उर्दू शिक्षिका के खिलाफ ही विभाग ने कार्रवाई की है। बाकी मामलों में विभागीय अफसर चुप्पी साधे हैं, इससे सच्चाई उजागर नहीं हो पा रही है।
उर्दू शिक्षकों की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित है, जिसके द्वारा जांच की कार्रवाई की जा रही है। - रामप्रवेश, बीएसए