ललितपुर। नगरीय क्षेत्र के छूटे पात्र परिवारों को भी सस्ते दर पर अनाज उपलब्ध हो सकेगा। डीएम ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से बाहर चल रहे छूटे पात्र परिवारों को भी लाभ दिलाने के लिए खाद्य और रसद विभाग आयुक्त को पत्र लिखा है। इससे नगरीय क्षेत्र का लक्ष्य बढ़ने की उम्मीद बंध गई है।
जनपद बुंदेलखंड के पिछडे़ क्षेत्रों में से एक है। यहां नगरीय क्षेत्र की आबादी में ही अधिकतम आबादी (परिवार) कमजोर वर्ग के हैं। ऐसे परिवारों को पात्रता की श्रेणी में रखते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के दायरे में लाया गया। उस दौरान नगरीय क्षेत्रों में पात्र गृहस्थी का लक्ष्य 70 प्रतिशत कर दिया गया। इसके बाद भी कई पात्र परिवार योजना में शामिल होने से रह गए। वर्तमान में ऐसे परिवारों के लिए सस्ते दर के अनाज नहीं मिल पा रहा है, जबकि कोविड की वजह से लोगों की आर्थिक स्थिति और भी खराब हो गई है। डीएम अन्नावि दिनेश कुमार ने इसे ध्यान में रखकर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत जिले के नगरीय क्षेत्र में लक्ष्य 80 प्रतिशत तक बढ़ाने को कहा है, जिससे छूटे हुए पात्र परिवारों को भी इसमें सम्मिलित किया जा सके।
अपात्रों की छटनी नहीं कर पाया विभाग
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (योजना) में तमाम अपात्र परिवार सम्मिलित बने हुए हैं। कई परिवार तो ऐसे हैं, जिनके आलीशान भवन बने हैं और चार पहिया वाहन में घूम रहे हैं पर वह सस्ते दर का अनाज हर महीने पा रहे हैं। विभाग ने अपात्रों की छंटनी के लिए कई बार अभियान चलाया लेकिन अनेक अपात्र अब भी योजना में शामिल हैं। इस वजह से बाहर चल रहे पात्र परिवार योजना में सम्मिलित नहीं हो पा रहे हैं। यदि वास्तविक सत्यापन किया जाए तो शहर के विभिन्न मोहल्लों से बड़ी संख्या में पात्र गृहस्थियां अपात्र की श्रेणी में आ जाएगी।
इतना दिया जाता राशन
पात्र गृहस्थी को पांच किलोग्राम प्रति यूनिट की दर से अनाज का वितरण किया जाता है। वहीं, अंत्योदय परिवारों को 35 किलोग्राम प्रति परिवार की दर राशन वितरित किया जाता है।
पात्र गृहस्थी का लक्ष्य बढ़ाने के लिए डीएम के माध्यम से खाद्य और रसद आयुक्त को पत्र भेजा गया है। अनुमति मिलने पर करीब 10 फीसदी पात्रों के नए कार्ड बनाएं जाएंगे।
- राजीव कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी