ललितपुर। जिला बार एसोसिएशन भवन में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका विषय फॉरेंसिक विज्ञान, साइबर अपराध और नारी सशक्तीकरण था। कार्यशाला का उद्देश्य अधिवक्ताओं और संबंधित अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों व महिला अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
प्रभारी जिला जज यादवेंद्र सिंह ने न्यायिक प्रक्रिया में वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों की समझ को आवश्यक बताया। उन्होंने साइबर अपराधों की बदलती प्रकृति पर जोर दिया। अधिवक्ताओं, पुलिस और न्यायिक अधिकारियों के बीच निरंतर समन्वय जरूरी है। सिंह ने कहा कि साक्ष्य की गुणवत्ता ही न्याय की मजबूती का आधार होती है। महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी देना समाज की साझा जिम्मेदारी है। सीजेएम मयंक जायसवाल ने सोशल मीडिया के समझदारी से उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निजी आंकड़े और चित्रों पर आपराधिक तत्वों की नजर रहती है। जिला बार अध्यक्ष राजेश देवलिया ने नारी को सदैव सशक्त बताया। उन्होंने कहा कि महिला परिवार की व्यवस्थापक और गृह स्वामिनी रही है।
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विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी
साइबर विशेषज्ञ मुनेश भारती और उपनिरीक्षक गौतम पूनिया ने साइबर अपराधों की प्रकृति पर जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल साक्ष्य और ऑनलाइन धोखाधड़ी के बारे में बताया। फॉरेंसिक विज्ञान विशेषज्ञ दिव्यांशु श्रीवास्तव और निकिता सक्सेना अधिवक्ता ने वैज्ञानिक साक्ष्यों का महत्व समझाया। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया में फॉरेंसिक तकनीक की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला।
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महिला अधिकारों पर चर्चा
जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदराम, महिला थाना अध्यक्ष अनीता, पूजा शर्मा और सरिता रिछारिया ने विचार रखे। उन्होंने महिला अधिकारों, उनकी सुरक्षा और विधिक सहायता पर जोर दिया। समाज में महिलाओं की समान और सम्मानजनक भागीदारी पर भी चर्चा हुई। कार्यशाला में कई अधिवक्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।