ललितपुर। वार्ड नंबर 24 के अंतर्गत जायसवाल के बाड़े में एक दुकानदार ने सार्वजनिक नाले पर कब्जा करके दुकान बना ली और 15 साल से किराया वसूल रहा है। रविवार को अधिशासी अधिकारी ने निरीक्षण करके अवैध कब्जाधारक को दो दिन में दुकान हटाने के निर्देश दिए। ऐसा नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
नगर के सिविल लाइन, नझाई, लोहा पीतल बाजार, कटरा बाजार सहित अन्य बाजारों में खाली जमीन पर सभी की निगाह रहती है। वार्ड नंबर 24 नझाई बाजार- तालाबपुरा अंतर्गत जायसवाल के बाड़े के नाम से प्रसिद्ध स्थान ललित टाकीज, जूता-चप्पल बाजार होते हुए घंटाघर तक जाता है। करीब 15 साल पहले जायसवाल के बाड़े में मौजूद नाला और अन्य खाली जगह पर राधेश्याम, अरुण कुमार और मनीष कुमार ने कब्जा कर लिया और दुकान भी निर्मित करा ली। तब लेकर अब तक उक्त दुकान विनोद कुमार जैन को किराये पर दे रखी है और प्रतिमाह किराया वसूला जा रहा है।
इस संबंध में नझाई बाजार निवासी ब्रजेश नारायण जायसवाल ने तहसील दिवस, मंडलायुक्त और मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा था। रविवार को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी केएन शर्मा, नजूल लिपिक प्रदीप सौंरयाल, वरिष्ठ लिपिक रमाकांत तिवारी आदि ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमणकर्ता से बात की और नक्शा, रजिस्ट्री, स्वामित्व आदि के प्रमाणपत्र दिखाने को कहा, लेकिन नहीं दिखा सके। इसके लिए निर्माणकर्ता ने एक दिन की मोहलत मांगी। इस पर चेतावनी दी गई कि अवैध निर्माण है तो दो दिन में स्वयं हटा लें, ऐसा नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं, तहसील दिवस में नारायणदास कुशवाहा की शिकायत पर स्टेशन रोड स्थित स्टेट बैंक के बाहर रहे जनरेटर को हटाने के निर्देश दिए गए।
सालों बाद जागे अफसर
शिकायतकर्ता ब्रजेश नारायण जायसवाल की मानें तो वह अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने नगर पालिका व अन्य अफसरों से शिकायत की, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने तहसील दिवस, मंडलायुक्त और मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा। रविवार को अफसरों ने आकर अतिक्रमणकारी से दस्तावेज मांगे। इसी प्रकार अन्य स्थानों पर भी अवैध निर्माण है। इसमें भी अफसर देर में जागते हैं। यही वजह है कि बेशकीमती जमीन पर निर्माण होता चला जाता है।
इनका कहना है
मुख्यमंत्री व तहसील दिवस की शिकायत पर जांच करने के लिए गया था। अतिक्रमणकारियों को दो दिन की मोहलत दी गई है। इसके बाद अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो फिर नगर पालिका अमला कार्रवाई करेगा।
- केएन शर्मा,
अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका