शहर की तस्वीर बिगाड़ रहीं उखड़ीं नालियां
ललितपुर। शहर के विभिन्न वार्डों में कई नालियां क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। कुछ नालियां तो ऐसी हैं, जिनकी सालों से सुध नहीं ली गई है। इससे वार्ड स्वच्छ, सुंदर नहीं बन पा रहे हैं। वहीं, स्थानीय लोगों को भी भारी असुविधा का सामना पड़ रहा है।
नगर पालिका परिषद द्वारा वार्डों के विकास पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें सड़क, नाली का निर्माण कराया जा रहा है। विभिन्न वार्डों में कई ऐसी नाली हैं जो लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ी हैं और उनकी मरम्मत भी नहीं कराई जा रही हैं। इससे बारिश के दिनों में नाली का गंदा सड़क से होकर बहता है। क्षतिग्रस्त नालियों की सफाई भी ठीक से नहीं हो पाती है, ऐसे में आसपास गंदगी पड़ी रहती है। इनमें से एक वार्ड नंबर नौ सिविल लाइन प्रथम स्थित वसुंधरा कॉलोनी की नाली है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी के मुख्य मार्ग के एक ओर दरौनी वाले दुबे के मकान के पास नाली लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। इससे नाली की दुर्गंध उठती है। पूर्व पार्षद के कार्यकाल में इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है और वर्तमान पार्षद का ढाई साल का कार्यकाल निकल चुका है। इसके बाद भी क्षतिग्रस्त नाली की मरम्मत नहीं हो पाई है। वार्ड नंबर 23 रावतयाना प्रथम में नेहरू महाविद्यालय के सामने नाली व पुलिया क्षतिग्रस्त है। वार्ड नंबर पांच झांसीपुरा में ब्याने नाले के पुल के पास नाली लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। कमोवेश यही स्थिति पानी की बड़ी टंकी के पास की नाली है। एक नाली जेल तिराहे के पास जाती है तो दूसरी नाली बीएसए कार्यालय के ओर जाती है।
वहीं, अग्निशमन आफिस के पास नाली मिट्टी से चोक है। इन पर नगर पालिका परिषद का ध्यान नहीं है। इसके चलते शहर का ड्रेनेज सिस्टम गड़बड़ाया हुआ है। कुछ महीनों में स्वच्छ सर्वेक्षण आरंभ होने वाला है। यदि यही हाल बना रहा तो नगर पालिका को नंबर वन के लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा।
शहर में जो भी क्षतिग्रस्त नालियां हैं और उनकी मरम्मत की आवश्यकता है। पार्षद द्वारा संज्ञान में लाई जाती हैं तो उनकी मरम्मत शीघ्र कराई जाएगी।
- मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद