ललितपुर। महाराष्ट्र के नागपुर से चार वर्ष पुरानी सेना भर्ती की नियुक्ति की मांग को लेकर दिल्ली जा रहे करीब 65 युवा शनिवार को अब ललितपुर के तालबेहट तक पहुंच गए हैं, जिनमें दो और अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने पर तालबेहट के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पूर्व 22 जून को बिरधा व ललितपुर में पांच अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कर्मचारी चयन आयोग से जीडी 2018 बैच में अर्द्धसैनिक बल में चयनित हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिल पाने के कारण हजारों की संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत हैं। उनका कहना है कि 60,210 पदों के सापेक्ष मात्र 55912 को ही नियुक्ति मिल पाई है। चार हजार पद खाली होने के बाद भी उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिल पाए हैं। वह अपनी नियुक्ति को लेकर काफी समय से आंदोलन रत हैं और करीब 65 अभ्यर्थी एक जून 2022 से नागपुर से दिल्ली तक की हजारों किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकल पड़े हैं। बीते बुधवार को वह सभी ललितपुर पहुंच गए थे, लेकिन इनमें दो अभ्यर्थियों को बीमार होने पर बिरधा अस्पताल और तीन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब वह ठीक हुए तो सभी अभ्यर्थी आगे बढ़ गए, लेकिन तालबेहट पहुंचने पर शनिवार को दो और अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ गई, जिस पर उन्हें तालबेहट में अस्पताल में उपचार कराया गया। हालांकि पुलिस व प्रशासन द्वारा अभ्यर्थियों पर नजर रखी जा रही है और उनके ठहरने एवं खाने का इंतजाम भी कराया जा रहा है। तालबेहट में बीमार हुए अभ्यर्थियों में उड़ीसा के जिला बुरगर के हर्ष जमला निवासी सुदर्शन पुत्र द्वारिका कुटिल एवं बेस्ट बंगाल निवासी लिंपा वर्मन पुत्री विमल वर्मन हैं।