ललितपुर। जिला और सत्र न्यायाधीश मदनलाल निगम की अदालत ने चौदह वर्ष पूर्व ग्राम चांदौरा में रास्ते के विवाद में ग्रामीण को सब्बल से हमला करने पर हुई मौत के मामले में दो सगे भाइयों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
थाना नाराहट अंतर्गत ग्राम चांदौरा निवासी जगन्नाथ सिंह पुत्र गजराज सिंह लोधी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि दो जनवरी 2005 को दिन में दो बजे मटर के खेत में गांव के भैरों, खुमान, रघुवीर, शंकर और माधव उर्फ बबलू अपने घर के लिए रास्ता निकाल रहे थे। मैं व छोटा भाई अर्जुन सिंह ने अपने खेत से रास्ता निकालने से मना किया। इस पर भैंरो प्रसाद व शंकर अपने हाथ में लिए सब्बल, खुमान, रघुवीर और माधव सिंह ने अपने हाथ में लिए लाठियों से मुझे व मेरे छोटे भाई की मारपीट करने लगे। चिल्लाने पर गांव के लोगों ने बीच-बचाव किया। घटना को अंजाम देकर हमलावर धमकी देकर भाग गए।
इसमें भाई अर्जुन सिंह गंभीर रुप से घायल हो गया। भाई को चारपाई पर घर लाए। फिर ग्राम डोंगराखुर्द से जीप मंगवाकर इलाज के लिए ले जा रहे थे, कि भाई की मौत हो गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने हत्या के मामले में दोनों सगे भाइयों अभियुक्त शंकर सिंह व भैंरो सिंह को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर चार-चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साक्ष्यों के अभाव में खुमान, रघुवीर व माधव को बरी कर दिया है। मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश दुबे ने की।