ललितपुर। घर में मां ने पढ़ाई न करने के लिए डांटा और घूमने से मना किया तो दो सहेलियां घर से भाग निकलीं। दोनों किशोरियों ने आठ फरवरी को घर छोड़ा था। इस दौरान वह बस और ट्रेन से आगरा, जयपुर और भोपाल घूमती रहीं। दोनों ट्रेन से ललितपुर से आगे कहीं जा रहीं थीं तभी जीआरपी ने उन्हें ट्रेन से उतार लिया और पूछताछ के बाद ललितपुर में रहने वाले एक किशोरी के चाचा को उन्हें सौंप कर परिजनों को जानकारी दी। दोनों अच्छे परिवार की लड़कियां हैं।
थाना जीआरपी ने बृहस्पतिवार को घर से भागकर ट्रेन से जा रहीं दो किशोरियों को परिजनों को बुलाकर उन्हें सौंप दिया। थानाध्यक्ष अरविंद कुमार सरोज के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अनिल कुमार राणा और लायक सिंह रेलवे स्टेशन पर भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान प्लेटफार्म संख्या दो- तीन पर बुधवार की शाम को कुशीनगर एक्सप्रेस के आने पर चेकिंग के दौरान उन्हें एक किशोरी अकेले ट्रेन से उतरती दिखाई दी। वह कोल्ड ड्रिंक लेने के लिए उतरी थी। शक होने पर उन्होंने किशोरी का नाम पूछा तो उसने खुद को जालौन का निवासी बताया। परिवार के बारे में पूछने पर बताया कि उसकी एक सहेली भी ट्रेन में बैठी है। इस पर पुलिस ने दोनों को ट्रेन से उतार लिया। किशोरियों ने बताया कि वह दोनों आठ फरवरी को मां की डांट से क्षुब्ध होकर घर से भागी थीं। घर में घूमने से मना किया जा रहा था। पढ़ाई न करने पर टोका जा रहा था। वह दोनों सहेलियां हैं। उन्होंने बताया कि वह दोनों आगरा, जयपुर और भोपाल घूमकर ललितपुर से आगे जा रही थीं। भोपाल में बिना टिकट पकड़े जाने पर उन्होंने टिकट भी बनाई थी। जीआरपी ने दोनों से उनके घर का पता लेकर उनके परिजनों से संपर्क किया और ललितपुर में रहने वाले एक किशोरी के परिजन (चाचा) को बुलाकर उन्हें सौंप दिया।