सवा लाख किसान प्रभावित, अब अगस्त माह में पोर्टल खुलने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ की फसल के लिए एक जुलाई से 31 जुलाई तक किसानों का बीमा कराया जाना था, लेकिन महीने के 27 दिन निकल जाने के बाद भी अब तक एक भी किसान का बीमा नहीं हो सका है। ऐसे में किसानों को भटकना पड़ रहा है। वहीं भारतीय किसान संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर समस्या निस्तारण की मांग की है।
खरीफ की फसल के सीजन में कभी ज्यादा बारिश, तो कभी कम बारिश होने से किसानों को फसलों में नुकसान झेलना पड़ता है। पिछली बार भी खरीफ और रबी की फसल में अतिवृष्टि से किसानों को फसलों का भारी नुकसान हुआ था। किसानों को मौसम की मार से कुछ हद तक राहत देने के लिए कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत एक जुलाई से 31 जुलाई तक शासन से तय की गई बीमा कंपनी के माध्यम से बीमा कराए जाते हैं। इस बार भी किसानों के बीमा जुलाई के पूरे महीने होने थे, लेकिन इस बार पूरे महीने में किसानों के बीमा कराने के लिए पोर्टल खुला ही नहीं। हालांकि विभागीय सूत्रों के अनुसार जुलाई माह में तो पोर्टल खुल सका है, लेकिन अगस्त माह में पोर्टल खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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पिछले वर्ष 2025 में खरीफ के सीजन में 1,20,142 और रबी के सीजन के लिए 1,02,529 किसानों ने बीमा कराया था। इसके बाद अतिवृष्टि व ओला गिरने से खराब हुई फसलों पर खरीफ की फसल के नुकसान पर 1,12,356 किसानों को एक अरब, 56 करोड़, 17 लाख 48 हजार रुपये का भुगतान किया गया था। वहीं रबी के सीजन में फसल नुकसान पर 9,999 किसानों को 14 करोड़, 76 लाख 20 हजार रुपये का बीमा लाभ दिया गया।
एक जुलाई से 31 जुलाई तक खरीफ के सीजन में किसानों का फसल बीमा किया जाता है,लेकिन तकनीकी कारणों से मुख्यालय स्तर से ही पोर्टल नहीं खुल सका है। अब अगस्त माह में पोर्टल खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। जब भी पोर्टल खुलेगा किसानों को पूरे एक महीने तक फसल बीमा कराने के लिए मौका दिया जाएगा।
-अख्तर हुसैन, उपकृषि निदेशक।
भाकिसं ने की पोर्टल खुलवाने की मांग
भारतीय किसान संघ ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन देकर बताया कि वर्तमान खरीफ सीजन में फसल बीमा के लिए जनपद की सहकारी समितियों एवं सीएससी केंद्रों पर पोर्टल के माध्यम से किसानों का फसल बीमा नहीं हो पा रहा है और न ही किसानों का प्रीमियम कट रहा है। इसी के मद्देनजर बीमा कंपनी के पोर्टल की तकनीकी समस्या ठीक करने एवं खरीफ सीजन के लिए प्रीमियम की तारीख बढ़ाने की मांग की गई है।