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गल्ला मंडी में बढ़ाई गई व्यापारियों की संख्या

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विशिष्ट गल्ला मंडी में फटे पड़े गेहूं खरीद केंद्र के बैनर - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए नवीन गल्ला मंडी में खरीद के लिए व्यापारियों की संख्या में बढ़ोत्तरी कर दी गई है। अब डेढ़ सौ अनाज के वाहन मंडी में प्रवेश कर सकेंगे। कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव ने व्यापारी, आढ़ती, मजदूरों और किसानों से सेनिटाइजेशन और मास्क की व्यवस्था करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के निर्देश दिए हैं। पहले सौ ट्रैक्टर-ट्राली की अनुमति दी गई थी।
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इस समय गेहूं खरीद केंद्रों पर गेहूं के उठान की समस्या बनी हुई है। इस कारण किसानों का रुख गल्ला मंडी की ओर बढ़ा है। इससे हाइवे पर ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी-लंबी कतार लगने लगी है। इसके मद्देनजर अपर उप जिलाधिकारी/सचिव कृषि उत्पादन मंडी समिति एसपी सिंह ने मंडी में उपज खरीद के लिए व्यापारियों की संख्या में बढ़ोत्तरी कर दी है। पहले 50 व्यापारियों को मंडी में उपज खरीदने की अनुमति दी गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 75 कर दिया गया है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मंडी सचिव द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि मंडी में पंजीकृत सूची में अंकित पक्के आढ़ती क्रमांक 01 से 26 तक सोमवार, बुधवार, शुक्रवार, रविवार एवं 27 से 52 तक मंगलवार, बृहस्पतिवार, शनिवार को नवीन मंडी स्थल में उपस्थित रहकर खरीद- फरोख्त करेंगे। किसानों द्वारा शहर के अंदर से वाहन नहीं लाए जाएंगे। सभी वाहनों/ट्रॉलियों का प्रवेश एवं निकास मंडी स्थल के गेट नंबर तीन से होगा।
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चंदेरा के सामने मंडी की चमक पड़ी फीकी
इन दिनों गल्ला मंडी की चमक औद्योगिक क्षेत्र चंदेरा के सामने फीकी पड़ गई है। व्यापारियों द्वारा बड़े पैमाने पर चंदेरा में गेहूं की खरीद जा रही है। किसानों को लगता है कि चंदेरा पर उन्हें उपज के अच्छे दाम मिल सकते हैं। इससे उनका रुझान भी चंदेरा की तरफ बढ़ा है। बता दें कि सरकार ने मिल कारोबारियों को किसान का माल खरीदने की अनुमति दे दी है, तब से चंदेरा खरीद का केंद्र बनता जा रहा है।
सोशल डिस्टेंस ने तोड़ी नीलामी प्रक्रिया
गल्ला मंडी में सोशल डिस्टेंस का पालन कराने के लिए नीलामी की प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही है। इससे व्यापारियों को किसान से सीधे खरीद का अवसर मिल गया है। ऐसे में किसानों को उपज का वाजिब दाम दिलाना अफसरों के लिए चुनौती बन गया है। व्यापारियों के मुताबिक, बृहस्पतिवार को चना 3300 से 3750 रुपये, मसूर 5051, गेहूं 1710 से 1715 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा गया है।
व्यापारियों द्वारा किसानों को गल्ला मंडी में बुलाया जाता है। इस आधार पर ही किसानों को टोकन जारी किए जाते हैं। एक व्यापारी की दुकान पर एक समय में अधिकतम दो वाहन खड़े होंगे। इस तरह अब मंडी में 150 ट्रैक्टर- ट्राली प्रवेश कर सकते हैं। जो किसान बगैर बुलाए आएगा, उसे वापस लौटना होगा।
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- एसपी सिंह, अपर उप जिलाधिकारी/ सचिव कृषि उत्पादन मंडी समिति
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