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Lalitpur News: व्यापार मंडल ने की स्मार्ट मीटर की जांच के लिए कमेटी बनाने की मांग

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। जिला उद्योग व्यापार मंडल ने बिजली, पेयजल, सड़क और अतिक्रमण को लेकर रविवार को पत्रकारों से वार्ता की। जिलाध्यक्ष सुरेश बड़ेरा ने स्मार्ट मीटर की जांच के लिए जिला स्तर पर भी तीन सदस्यीय कमेटी बनाने और प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड किए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान चिह्नित कर सिर्फ एक बार ही चलाया जाए और उसकी निगरानी की जाए। स्मार्ट मीटर लगने के बाद जो बिल पहले एक हजार आता था, वह बिल वर्तमान में 3000 आने लगे है। इसकी जांच के लिए प्रदेश की तरह जिला स्तर भी कमेटी बनाई जाए और उस जांच का सार्वजनिक किया जाए। ऑनलाइन बिल जमा करने पर तत्काल बिजली सप्लाई जोड़ी जाए।
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व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मांग की है कि स्टेशन से लेकर मवेशी बाजार तक एवं इलाइट चौराहे तक रोड चौड़ीकरण के लिए मार्ग खुदा पड़ा है, प्रवेश करने के लिए सड़क की तुरंत मरम्मत की जाए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण बलपूर्वक नहीं हटना चाहिए। अतिक्रमण की कार्रवाई करते समय सक्षम अधिकारी साथ में होना चाहिए।
प्रेस वार्ता में जिला महामंत्री शैलेंद्र सिंघई, उद्योग मध्य प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश सराफ, प्रदेश युवा मंत्री अजय सोनी, प्रदेश मंत्री संतोष इमलिया, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष बॉबी राजा नाराहट, डॉ. संजीव कड़की, सुबोध गोस्वामी, मंगू पहलवान, संजय जैन रिंकू, रवींद्र दिवाकर, मनीष जैन आदि उपस्थित थे।


बिना सहमति मीटर लगाना गलत -
जिलाध्यक्ष ने कहा कि दो अप्रैल को लोकसभा में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि विद्युत अधिनियम की धारा 2003 47/5 के अनुसार बिना उपभोक्ता के सहमति के स्मार्ट मीटर लगाना उचित नहीं है, इसके बाद भी जिले में 36000 प्रीपेड मीटर लगा दिए गए हैं जिसकी उपभोक्ता से कोई सहमति नहीं ली गई, जो सरासर गलत है।
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आपसी सहमति के बाद भी हटा दिया अतिक्रमण
नगर पालिका प्रशासन ने व्यापार मंडलों के साथ एक राय बनाई गई थी कि धूप छांव से बचाव के लिए चार फुट की चद्दर बिना पिलर के लगाने और नाली ढकने के लिए फोल्डिंग चद्दर लगाने की अनुमति दी थी। इसके बाद भी घंटाघर के पास अतिक्रमण हटाते समय नाली के ऊपर फोल्डिंग चद्दर को भी अलग कर दिया गया है इसका व्यापार मंडल विरोध करता है और जिला प्रशासन से मांग करता है कि भविष्य में नाली के ऊपर फोल्डिंग चद्दर नहीं हटाई जाए और जब्त किया सामान वापस किया जाए।
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