संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। एक अप्रैल से प्रारंभ वित्तीय वर्ष में सबसे ज्यादा लाभ पर्यटन क्षेत्र को होने वाला है। हाल में शासन ने कई प्राचीन स्थलों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाने के प्रस्ताव मांगे हैं। साथ ही सात परियोजनाओं के पूर्ण होने के आसार हैं।
पर्यटन की कई योजनाओं पर कार्य चल रहा है। बालाबेहट किला हेरिटेज होटल के रूप में पीपीपी मॉडल पर तैयार किया जा रहा है। देवगढ़ में हेलीपोर्ट योजना के भी इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण होने के आसार हैं। लंबित पर्यटन विकास के कार्य भी इस वित्तीय वर्ष में पूर्ण होने की उम्मीद है। इन योजनाओं में बानपुर किला में पार्किंग व पर्यटन सुविधा का कार्य, बंदरगुढ़ा में पर्यटन विकास कार्य, बालाबेहट में बस स्टैंड व पर्यटन विकास कार्य, बालाबेहट किला में पार्किंग व पर्यटन विकास कार्य, अमझरा घाटी में पर्यटन विकास के कार्य, सौंरई में किला की सुरक्षा एवं पर्यटन विकास के कार्य, मड़ावरा किला में पार्किंग व पर्यटन विकास के कार्य, मड़ावरा किला में रोड पर स्ट्रीट लाइट, फर्नीचर निर्माण शामिल है।
नवीन पर्यटन नीति के तहत मांगे जा रहे प्रस्ताव
नवीन पर्यटन नीति के तहत पीपीपी मॉडल पर पर्यटकों को लुभाने व सुविधाओं के लिए प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। होटल, रिसोर्ट, हेरिटेज होटल, वेलनेस सेंटर, फार्म स्टे, साहसिक पर्यटन परियोजना, ढाबे, मैरिज गार्डन, थीम पार्क, मनोरंजन पार्क, वाटर पार्क इत्यादि क्षेत्रों में निवेश करने के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
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प्रस्तावित पर्यटन विकास के कार्य इस वर्ष पूर्ण होने की संभावना है।
हेमलता, जिला पर्यटन अधिकारी।