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Lalitpur News: क्लास लेने के लिए करनी पड़ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली की सवारी

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ललितपुर। सरकार बेटियों की शिक्षा के लिए भले ही तमाम दावे कर रही हो, लेकिन संसाधनों के अभाव में आज भी छात्र-छात्राओं को 15 किमी का फासला कभी ट्रैक्टर तो कभी अन्य साधनों से तय कर कॉलेज जाना पड़ रहा है। श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ का क्षेत्र होने के बाद भी यहां रोडवेज बसें संचालित नहीं हो पा रही हैं।
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परिवहन सेवा बदहाल होने का खामियाजा आम आदमी के साथ ही विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। पाली तहसील क्षेत्र में कोई राजकीय बालिका इंटर कॉलेज न होने के कारण तहसील क्षेत्र के दूरदराज इलाकों में बसे परिवारों के बच्चों को लंबी दूरी तय कर बिरधा स्थित किसान इंटर कॉलेज पढ़ने आना पड़ता है। मंगलवार को कॉलेज में छुट्टी के बाद निजी बस भी न मिलने पर करीब 15 किमी दूर उमरिया गांव की छात्राओं और कुछ बच्चों को हाईवे से गुजर रहे एक ट्रैक्टर को रोककर उससे घर के लिए रवाना होना पड़ा। दोपहर करीब 2:45 बजे चिलचिलाती धूप में ट्रॉली में बैठी छात्राओं ने बताया कि निजी बस न मिलने पर महीने में कई बार उन्हें इसी तरह कॉलेज आना और जाना पड़ता है। जबकि, ट्रैक्टर चालक की सीट के पास कुछ बच्चे बैठे थे। ट्रैक्टर चालक ने बताया कि उमरिया के आगे जा रहा था। सड़क पर इन छात्राओं को बस का इंतजार करते देखा तो वे ट्रॉली में बैठ गईं।
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