विद्युत विभाग द्वारा हर माह की 10 तारीख को विद्युत बिलिंग की जाती है। इसके बाद राजस्व वसूली की जाती है। घरेलू व कॉमर्शियल उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर वसूली के लिए अभियान भी चलाया जाता है। विद्युत बिल हजारों रुपये में पहुंचने से पूर्व ही उपभोक्ताओं का दरवाजा खटखटा दिया जाता है और बकाया अदा नहीं करने पर उनके कनेक्शन काट दिए जाते हैं। यहीं नहीं, विच्छेदित संयोजन जुड़वाने के लिए उसे अतिरिक्त राशि देकर रसीद भी कटवानी होती है। लेकिन, सरकारी विभागों का वर्षों से बकाया होने के बाद भी विभाग कार्रवाई करने से बचता ही नजर आता है। बहुत से सरकारी विभाग तो ऐसे हैं, जिन पर लाखों रुपये की बकाएदारी चलती है।
जनपद में यदि अकेले इंटर कॉलेजों और महाविद्यालयों की बात करें तो इन पर 84 लाख रुपए से अधिक का बिजली बिल बकाया है, जिले के कुछ विद्यालय तो ऐसे हैं जिनका बकाया भी लाखों में है और विद्यालय कर्मियों द्वारा वसूली के बिना ही संयोजन चलाने की धमकी भी दी जाती है। मंगलवार को विद्युत विभाग में आए एक विद्यालय कर्मियों द्वारा लाखों की बकाएदारी अदा किए बिना बिजली उपभोग की धमकी दी गई। विद्युत विभाग द्वारा ऐसे बकाएदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से उनके हौसले बुलंद हैं।