बजर्रा तिराहा दुर्घटना मामला : कार चालक सहित तीन पर मुकदमा दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कोतवाली महरौनी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बजर्रा तिराहा के पास बृहस्पतिवार की रात को तेज रफ्तार भाग रही कार की टक्कर से ग्राम सिलावन से बाजार करके घर लौट रहे बाइक सवार दो चचेरे भाइयों सहित तीन युवकों की मौत हो गई थी। पुलिस ने कार चालक सचिन व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
कोतवाली महरौनी के ग्राम अंडेला निवासी प्रकाशचंद्र ने पुलिस को तहरीर दी। जिसमें बताया कि 11 सितंबर देर शाम को छोटूलाल, लाखन और विंद्रावन निवासी ग्राम अंडेला अपनी बाइक से ग्राम सिलावन से बाजार करके घर वापस आ रहे थे। जैसे ही वह लोग ग्राम छिल्ला के पास बजर्रा तिराहे पर पहुंचे तो ललितपुर की ओर से आ रही चार पहिया कार के चालक ने तेजी, लापरवाही और नशे की हालत में बाइक को टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। यहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। जानकारी करने पर पता चला कि सचिन नाम का चालक कार को चला रहा था। जबकि कार में दो अन्य व्यक्ति और बैठे थे। दुर्घटना में बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने कार चालक व दो अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। महरौनी पुलिस आगे की कार्रवाई करने में जुट गई है। मृतक छाेटूलाल बहन का इकलौता बड़ा भाई था और उसके एक पुत्र व एक पुत्री है। वह बाहर काम करता था और 10-12 दिन पूर्व ही घर आया था। मृतक लाखन दो भाई-दो बहन में छोटा था और उसके एक पुत्र व एक पुत्री है। वह मजदूरी करता था। मृतक विंद्रावन चार भाई-दो बहनों में बड़ा था और उसके दो पुत्र व दो पुत्रियां है। वह मजदूरी करता था।
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सिर में गंभीर चोट आने से हुई मौत
शुक्रवार को दुर्घटना में मृत हुए तीनों युवकों के शव का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम सूत्रों के अनुसार युवकों के सिर में गंभीर चोट थी जोकि उनकी मौत का कारण बनी। इसके साथ पैर फैक्चर और कूल्हा भी टूटा हुआ पाया गया। जबकि तीसरे युवक के पूरे शरीर में चोटें थी और शरीर की हड्डियां टूटी हुई थी।
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तीनों का एक साथ हुआ अंतिम संस्कार, रो पड़ा पूरा गांव
पोस्टमार्टम के बाद तीनों युवकों के शव शुक्रवार की शाम को गांव पहुंचे। जैसे ही शव उनके घर पर पहुंचे। परिजन रोने-चिल्लाने लगे। सबसे ज्यादा हालत खराब घर की महिलाओं की रही। गांव की अन्य महिलाओं व रिश्तेदारों ने उन्हें समझाया। इसके बाद तीनों की अर्थी श्मशान पहुंची। जिसमें पूरे गांव के लोग शामिल थे। तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ तो गांव के हर एक व्यक्ति की आंख में आंसू थे।