three cleaning personnel suspended including the principle
ललितपुर। ब्लाक बार अंतर्गत कन्या प्राथमिक विद्यालय कुआगांव के प्रधानाध्यापक सहित तीन सफाई कर्मियों को विभागीय निर्देशों की अवहेलना करना महंगा पड़ गया है। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप साबित होने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
बीते महीनों में ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत की थी। इसमें उन्होंने अध्यापक पर दिन भर ताश खेलने, मोबाइल पर गाना सुनने और शिक्षा पर ध्यान नहीं देने के आरोप लगाए थे।
इस पर जांच अधिकारी ने अठारह जुलाई को कन्या प्राथमिक विद्यालय कुआगांव का निरीक्षण किया था। इस दौरान विद्यालय पूर्णत: बंद पाया गया था। जांच अधिकारी ने माना कि विद्यालय समय पर नहीं खोलकर मनमर्जी की जा रही है। शिक्षण कार्य के प्रति उदासीन हैं और अपने पद का निर्वहन ठीक से नहीं कर रहे हैं, साथ बाल अधिकारी का हनन हो रहा है। बीएसए राजकुमार पुरोहित ने इस आख्या पर प्रधानाध्यापक रामकिशन अहिरवार को निलंबित कर दिया, साथ ही इसका जांच अधिकारी खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा को नियुक्त किया है।
उधर, सोलह अक्तूबर को ग्राम पंचायत झरकौन में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने चौपाल लगाई थी। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत की साफ-सफाई का निरीक्षण किया था। इसमें कई स्थानों पर गंदगी, जलभराव पाया गया। हैंडपंपों के आसपास गंदगी जमा पाई गई। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका है जिसके मद्देनजर डीपीआरओ श्रवण कुमार सिंह ने रामदीन सफाई कर्मी को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है। बताया गया कि रामदीन सफाई कर्मी तैनाती ग्राम हंसारा की ड्यूटी चौपाल को ध्यान में रखकर झरकौन में लगाई गई थी। झरकौन में तैनात एक अन्य सफाई कर्मी राजकुमार को साफ-सफाई ठीक नहीं पाए जाने के आरोप में निलंबित किया गया है। डीपीआरओ ने माना है कि सफाई कर्मी राजकुमार द्वारा कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन किया जा रहा है, जिसके वह प्रथम दृष्टया दोषी हैं। इसी प्रकार विकासखंड बार अंतर्गत ग्राम करमई में 17 अक्तूबर को जिलाधिकारी की चौपाल लगने के पहले जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा निरीक्षण किया गया। इसमें सफाई कर्मी दुर्ग सिंह मौके पर नहीं पाए गए। बताया गया कि खंड विकास अधिकारी बार द्वारा सफाई कर्मियों की लगाई गई ड्यूटी के अनुसार, ग्राम वस्त्रावन के सफाई कर्मी ग्राम करमई में संबद्ध थे। इसे कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन माना गया। इस पर डीपीआरओ श्रवण कुमार सिंह ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन्होंने इसकी जांच सहायक विकास अधिकारी पंचायत तालबेहट को सौंपी है।