ललितपुर। नगर पालिका के वार्ड नंबर आठ मोहल्ला जुगपुरा में 90 में से 30 हैंडपंप खराब हैं। वार्ड में पेयजल की आपूर्ति के लिए पाइप लाइन न होने से केवल हैंडपंप ही एकमात्र सहारा हैं, लेकिन यह खराब होने से पेयजल की समस्या बढ़ गई है। ऐसे में भीषण गर्मी में काफी दूर से पानी भरना पड़ रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नगर के वार्ड नंबर आठ मोहल्ला जुगपुरा को ब्लॉक जखौरा की ग्राम पंचायत जुगपुरा को तोड़कर बनाया गया था। लोगों की उम्मीद लगी कि शहर में शामिल होने से मूलभूत सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी। इनमें पाइप लाइन डलने पर नलों से पेयजल आपूर्ति होगी। पर्याप्त मात्रा में बिजली मिलेगी। सड़क व नाली की सुविधा होगी लेकिन वार्ड में अब तक पाइप लाइन नहीं बिछाई जा सकी है। इससे बाशिंदों को वर्तमान में पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
जुगपुरा में पेयजल सुविधा के लिए लगभग 90 से अधिक हैंडपंप लगे हैं। वर्तमान में तीस से अधिक हैंडपंप खराब पड़े हैं। इनमें कुछ हैंडपंप पानी कम देने लगे हैं तो कुछ हैंडपंप मरम्मत के अभाव में देर तक चलाने के बाद ही पानी उगल रहे हैं। कई के पाइप में लीकेज हैं। इससे चलाने पर आधा पानी ही बाहर आ रहा है।इससे लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जो हैंडपंप पानी दे रहे हैं, उन पर भीड़ लग रही है, जिससे पानी भरने में लोगों का समय खराब हो रहा है। पेयजल के लिए भी लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सूचना देने के बाद भी मरम्मत नहीं हो पा रही है। इससे मोहल्लों में पेयजल की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
मोहल्ला में इकलौते हैंडपंप ही मात्र पानी की सुविधा का सहारा बने हैं। ऐसे में हैंडपंपों को पूरी तरह से दुरुस्त रखा जाए। इससे पानी को परेशान न होना पड़े। प्रकाश पंथ
कई हैंडपंपों में पाइप खराब होने से कम पानी आ रहा है। इससे अधिक देरी तक पानी भर रहा है। हैंडपंप की मरमत कर सामान डलवाया जाए। आकाश अहिरवार
मोहल्ला में कई हैंडपंप एक माह से खराब पड़े हैं। इससे पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। गर्मी में अधिक दूूरी से पानी लाना पड़ रहा है। सोनू सेन
खराब हैंडपंप की मरम्मत कराने के लिए लिखित सूचना दी है, लेकिन इसके बाद भी मरम्मत नहीं की गई है। पेयजल का संकट बना हुआ है। उदयप्रताप सिंह, सभासद
मोहल्ला जुगपुरा में हैंडपंप खराब होने की सूचना मिली है जिस पर टीम को भेजकर मरम्मत कराई जाएगी। पानी के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान