संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में सोमवार सुबह कोहरा छा गया। घने कोहरे और हवा के झोकों ने मौसम ठंडा कर दिया। दृश्यता कम होने से वाहनों की रफ्तार धीमी रही। झांसी-सागर नेशनल हाईवे से गुजरने वाले वाहन हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर धीमी रफ्तार से चले।
सोमवार सुबह से ही चारों ओर घना कोहरा छा गया। करीब छह किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से सर्द हवा चलने और सूर्यदेव के दर्शन न होने से ठंडी ज्यादा बढ़ गई। इस कारण तापमान में गिरावट आई। रविवार को जहां दिन का तापमान अधिकतम 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 12 डिग्री रिकार्ड किया गया था, वहीं सोमवार सुबह अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 5 से 6 डिग्री सेल्सियस रहा। इस सीजन का सबसे सर्द दिन रहने से लोग अपने घरों के अंदर ही दुबके रहे। जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से निकले। सबसे ज्यादा खराब हालत सड़कों पर दिखी।
जनपद से गुजरने वाले झांसी-सागर नेशनल हाईवे-44 सहित कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता करीब 10 मीटर होने के कारण वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। वाहन चालकों को हेडलाइट और पार्किंग लाइट व फाॅग लाइट ऑन करनी पड़ी। हालांकि, दोपहर 12 बजे सूर्यदेव के दर्शन देने से लोगों को सर्दी से राहत मिली तो कोहरा भी छंट गया। इसके बाद तापमान में भी बढ़ोतरी हुई और यह अधिकतम 16 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस हो गया।
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अलाव बना सहारा : सोमवार सुबह सर्दी होने से जगह-जगह अलाव जलते दिखे। लोग आग तापते नजर आए। कुछ लोग तो अपने घरों में रूम हीटर और अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाते दिखे। दोपहर में धूप निकलने के बाद लोग इसका आनंद लेते देखे गए।
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बच्चे और बुजुर्ग रहे परेशान
घना कोहरा छाने और तापमान के गोता लगाने से बढ़ी सर्दी में सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और बच्चों को हुई। सुबह के समय स्कूल के लिए निकले बच्चों को उनके अभिभावकों ने गर्म कपड़े पहनाकर रवाना किया। वहीं, बुजुर्ग गर्म कपड़ों के बीच ही घर के अंदर मौजूद रहे।