संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अक्षय तृतीया के एक दिन पहले बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए जहां सामानों की पहले से बुकिंग कर दी गई है, वहीं घरों में शादियां होने के चलते लोग ट्रैक्टरों व लोडिंग वाहन से सामान खरीदकर ले जा रहे हैं।
अक्षय तृतीया पर्व आज बुधवार को धूमधाम से मनाई जाएगी। यह पर्व इतना शुभ होता है कि इसमें विवाह आदि के लिए मुहूर्त देखने की भी जरूरत नहीं होती है। इस मुहूर्त में विवाह आदि काम काफी शुभ माने जाते हैं। शहर के सभी विवाह घर, गार्डन, डीजे, बाजे और हलवाई की बुकिंग इस तारीख के लिए डेढ़ महीने पहले से ही शुरू हो गई। शादी विवाह के लिए तैयारियां भी काफी पहले से की जा रही हैं।
मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक और नझाई बाजार में काफी भीड़ रही। लोगों ने फ्रिज, कूलर और वॉशिंग मशीनों की खरीदारी की। बक्शा, अलमारी, सोफा, पलंग खरीदकर लोग ट्रैक्टरों व लोडिंग वाहनों से ले जाते नजर आए। फूलमालाओं की बुकिंग भी पहले से ही कर दी गई है। गेंदा और गुलाब के फूलों की वरमाला का रेट बाजार में पांच सौ एक रुपये और ग्यारह सौ रुपये है।
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पंडितों की हुई बुकिंग : अक्षय तृतीया पर शादियों के चलते पंडितों, नाई और हलवाई की बुकिंग भी विवाह तय होने के साथ ही कर दी गई थी।
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मैर के लिए मटकों की हुई खरीदारी
विवाह के दौरान घर से बाहर कुएं से मैर का पानी भरने की परंपरा होती है, लेकिन अब नजदीकी जलस्रोतों से मैर का पानी मटकों में भरा जाता है। इसके लिए महिलाओं द्वारा मटकों की खरीदारी भी की गई और मैर का पानी भरने की परंपरा निभाई गई। इसके बाद मंडप आदि की रस्में भी निभाई गईं।
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फूलमालाओं की बढ़ी मांग
अक्षय तृतीया पर सैकड़ों स्थानों पर विवाह आदि होना निर्धारित है, जिसके चलते फूलमालाओं की मांग बढ़ गई है। फूल व्यवसायी सुनील सैनी ने बताया कि पहले से कई लोगों ने वरमालाओं व फूलों की बुकिंग कर दी है। उनके पास हर प्रकार की मालाएं उपलब्ध हैं।
अक्षय तृतीया का पूजन कर मिट्टी के नए बर्तनों में भरा जाता पीने का पानी
अक्षय तृतीया का पूजन आज बुधवार को घर-घर किया जाएगा। इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है और उसका पूजन किया जाता है। इसके साथ ही लोग घरों में मिट्टी के नए बर्तनों में पानी भरकर अक्षय तृतीया का पूजन करते हैं। मान्यता है कि इस दिन से मिट्टी के नए बर्तनों में ठंडे पानी का उपयोग किया जाता है, जो स्वास्थ्यकर होता है।
शुभ और मंगलकारी है अक्षय तृतीया का पर्व
ज्योतिषाचार्य पंडित हरिओम शास्त्री ने बताया कि अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ और मंगलकारी तिथि माना जाता है। इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है। इसका मतलब यह होता है कि इस दिन किसी भी प्रकार का शुभ कार्य बिना किसी विशेष मुहूर्त के किया जा सकता है। यह दिन हिंदू धर्म में समृद्धि, सुख और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विशेष रूप से पूजा, व्रत और मंत्र जाप कर पूजन किया जाता है। भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी, भगवान शिव और गणेश की पूजा की जाती है।