महरौनी। सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते जिले में माइनर के लाइनिंग निर्माण कार्य में खूब घालमेल हुआ है। हालात यह हैं कि अगौरा माइनर की तरह ही बम्हौरी बहादुर सिंह माइनर में कराया गया सीसी निर्माण भी एक साल नहीं टिक सका। इसके चलते किसान परेशान है। हैरत की बात तो यह है कि जानकारी के बाद भी विभागीय अफसरों ने इसकी सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने लाइनिंग कार्य की टीएसी जांच कराने की मांग की है।
नहरों का पानी बर्बाद न हो और किसानों को समय से सिंचाई के लिए पानी मिल सके, इसके लिए पैक्ट योजना के अंतर्गत नहरों और माइनरों में लाइनिंग (सीसी) डाले जाने का कार्य किया गया था। लेकिन यह योजना सिंचाई विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिली भगत से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। किसानों ने बताया कि लाइनिंग के कार्य में भ्रष्टाचार हावी रहा कि आगे आगे सीसी डालते गए और कुछ ही दिनों में पीछे से टूटता गया। किसानों ने बताया कि सीसी निर्माण में बालू की जगह घटिया डस्ट डाली गई और सीमेंट का नाम मात्र के लिए प्रयोग किया गया है।
बताते चलें कि जामनी बांध से निकली दाईं जामनी नहर और इस नहर से निकले माइनरों को पैक्ट योजना के अंतर्गत पक्का कराए जाने के लिए लाइनिंग का कार्य कराया गया है। किसानों ने बताया कि माइनर को गहरा कर दिया गया है, जिससे उनके खेतों की सिंचाई करने में बहुत परेशानी होने लगी है। किसानों ने बम्हौरी माइनर में कराए गए लाइनिंग के कार्य की टीएसी जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग अधिकारियों से की है।
पैक्ट योजना के अंतर्गत बम्हौरी बहादुर सिंह माइनर में लाइनिंग का कार्य कराया गया था, जो चंद दिनों में ही टूट गई है। इसकी टीएसी जांच होनी चाहिए।-गिन्नी राजा, सचिव जल उपभोक्ता समिति।
भ्रष्टाचार हावी है। माइनर को गहरा करने की और सीसी गुणवत्ता विहीन कराए जाने की हम लोगों ने तत्कालीन उपजिलाधिकारी को समाधान दिवस में शिकायत की थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।-खेमचंद्र अहिरवार, किसान
जब से माइनर में लाइनिंग का कार्य किया गया, तब से रास्ते मिट गए माइनर गहरा हो गया और सीसी भी टूट गया। किसान को सिंचाई के लिए कोई फायदा नहीं हुआ। -कांशीराम पाल, किसान।
माइनर में सीसी कार्य घटिया किया गया। पूरे काम की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। जिससे दूध का दूध पानी का पानी हो सके और दोषियों पर कार्यवाही हो।-मुकेश अहिरवार,किसान।