मड़ावरा। तहसील के ग्राम बम्हौरी, हंसरा और हंसरी में जल जीवन मिशन के तहत घर-घर जल पहुंचाने की योजना अधूरी साबित हो रही है। गांवों में कनेक्शन तो दे दिए गए हैं लेकिन नलों में टोंटी और जीआई पाइप नहीं होने से सप्लाई शुरू होते ही पानी सड़कों और गलियों में बहने लगता है। इससे एक ओर पानी की भारी बर्बादी हो रही है। वहीं, दूसरी ओर गांवों में कीचड़, गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
खुले पड़े कनेक्शन पाइपों में सप्लाई बंद होते ही आसपास का गंदा पानी लाइन के अंदर चला जाता है। अगली बार सप्लाई चालू होने पर यही दूषित पानी घरों तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीणों में संक्रमण और बीमारियों की आशंका बनी हुई है। गलियों और सड़कों पर पानी बहने से कई जगह कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई है। पानी की बर्बादी रोकने के लिए ग्रामीणों ने लकड़ी आदि का सहारा लिया है लेकिन यह अस्थायी उपाय साबित हो रहा है।
2021 में बनी टंकियां, व्यवस्था अब भी अधूरी : वर्ष 2021 में तीनों गांवों में पानी की टंकियों का निर्माण कर पाइपलाइन बिछाई गई थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार बम्हौरी टंकी से लगभग 15 हजार, हंसरा टंकी से करीब 1500 और हंसरी टंकी से लगभग 8 हजार लोगों को पानी की आपूर्ति की जा रही है। कुल मिलाकर तीनों गांवों में करीब सात हजार कनेक्शन दिए गए हैं, लेकिन लापरवाही के चलते योजना का लाभ आधा-अधूरा रह गया है।