संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सुब्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर के ताले तोड़कर गर्भगृह से मूर्तियां और अन्य सामान मंदिर में झाडू पोछा लगाने वाले युवक ने अपने जीजा के साथ मिलकर चुराया था। पुलिस ने आरोपी जीजा-साले को गिरफ्तार कर इस चोरीकांड का खुलासा कर दिया। आरोपियों के पास से एक कलश व श्रीफल बरामद हुआ, जबकि मूर्तियों को चोरों ने फेरी वाले को बेच दिया था। पुलिस मूर्तियां खरीदने वाले की तलाश कर रही है।
कोतवाली सदर अंतर्गत कस्बा राजघाट में सुब्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर में 20 अप्रैल को चोरों ने ताला तोड़कर गर्भग्रह में रखी शांतिनाथ भगवान, आदिनाथ भगवान और पारसनाथ भागवान की मूर्तियां और कलश व श्रीफल चोरी कर ली थी। चोरी होने का पता मंदिर में पूजा करने के लिए इंद्रप्रकाश व अरविंद जैन के पहुंचने पर चला था। पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने जैन मंदिर से मूर्तियां चोरी होने की घटना का खुलासा करने के लिए चार टीमें गठित की थीं। कुछ सुराग पुलिस के हाथ लगने के बाद कड़ियों को जोड़ा गया तो मंदिर में चोरी करने वाले चोरों की पहचान हो गई।
पुलिस ने शनिवार रात मंदिर में चोरी करने वाले बादल आदिवासी निवासी कस्बा जाखलौन हाल निवासी मस्जिद के सामने राजघाट और मंगल आदिवासी निवासी ग्राम अतईखेड़ा थाना बहादुरपुर जिला अशोक नगर, मध्य प्रदेश को मुखबिर की सूचना पर बैंक तिराहा से हनुमान गढ़ी मंदिर वाले रास्ते की ओर राजघाट से गिरफ्तार कर लिया। बादल ने बताया कि वह जैन मंदिर में कभी-कभी झाडू पोंछा करने जाता था। चोरी करने की योजना उसने अपने जीजा मंगल के साथ बनाई थी।
भगवान की तीनों मूर्तियों को फेरी लगाने वालों को तीन हजार रुपये में बेच दिया था। कलश व श्रीफल बेचने जा रहे थे कि पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। खुलासा करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रमेश चंद्र मिश्रा, चौकी राजघाट प्रभारी अर्जुन सिंह, स्वाट प्रभारी अतुल तिवारी, सर्विलांस प्रभारी अरुण पवार आदि शामिल रहे।
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फेरीवाले की तलाश में जुटी पुलिस
जैन मंदिर के गर्भगृह से चुराई गई भगवान की तीनों मूर्तियां खरीदने वाले फेरीवाले की तलाश में पुलिस जुट गई है। अनुमान है कि फेरीवाले जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में आ जाएंगे।
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मंदिर में चोरी एक युवक ने अपने जीजा के साथ मिलकर की थी। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
मोहम्मद मुश्ताक, पुलिस अधीक्षक