सिलावन (ललितपुर)। विकासखंड महरौनी अंतर्गत ग्राम पंचायत सुकाड़ी की दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने खंड विकास कार्यालय पहुंचकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत खंड विकास अधिकारी से काम मांगा है।
सूखे की विभीषिका से जूझ रहे ग्रामीणों के सामने भरण पोषण की समस्या उत्पन्न होने लगी है। पहले रबि की फसल पर ओलावृष्टि और अतिवृष्टि की मार पड़ी, फिर उर्द, सोयाबीन, मूंग आदि खरीफ की फसल पर अल्पवर्षा की मार से फसल चौपट हो गई। ऐसे में किसानों व मजदूरों की कमर टूट गई।
पेट पालने के लिए किसान और मजदूर महानगरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं, ताकि वहां मेहनत - मजदूरी कर परिवारीजनों का पालन पोषण कर सकें।
इसके विपरीत ग्राम पंचायत सुकाड़ी की महिलाओं ने बाहर नहीं जाकर, गांव में ही रोजगार करने का मन बनाया है। दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने खंड विकास कार्यालय महरौनी पहुंचकर मनरेगा के तहत काम मांगा है।
मांग मांगने वाली महिलाओं में सुनीता, रेखा, सुदामा, छिदामबाई, लक्ष्मी, गीता, फूला, हरीबाई, बेनी बाई, बड़ी बहू, कुसुम, रामदेवी, किशोरी, बेटी बाई, श्यानी, गेंदाबाई, सुकरानी, ग्यान बाई, फूलबाई, जुगत, पान बाई, बड़ी बहू, कलन आदि शामिल रहीं।
महिलाओं को चलता किया
ग्राम पंचायत सुकाड़ी की महिलाएं रोजगार मांगने के लिए खंड विकास कार्यालय गई थीं, लेकिन उन्हें वहां से चलता कर दिया गया। जबकि, मनरेगा नियमानुसार काम मांगने के लिए साधारण कागज पर प्रार्थना पत्र देकर काम की मांग की जा सकती है।
आवेदन की रजिस्ट्री कर दी
खंड विकास अधिकारी कार्यालय द्वारा महिलाओं को मनरेगा का काम देने का आवेदन स्वीकार नहीं करने पर महिलाओं ने डाक कार्यालय का रुख किया और पैसा खर्च कर आवेदन पत्र की रजिस्ट्री नई दिल्ली स्थित मंत्रालय में कर दी। अब देखना है कि महिलाओं को कब तक काम उपलब्ध कराया जाता है।