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Lalitpur News: जाखलौन-धौर्रा के बीच तीसरी लाइन डालने का रास्ता साफ

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ललितपुर। जाखलौन-धौर्रा के मध्य तीसरी सीधी रेल लाइन डालने का रास्ता साफ हो गया है। दिल्ली की पुरातत्व टीम के साथ रेलवे अधिकारियों ने सर्वे किया था। इसके बाद अब पुराने प्रस्ताव पर तीसरी रेल लाइन डालने पर पुरातत्व विभाग ने सहमति दे दी है। अब रेलवे को पांच किलोमीटर घुमावदार रेल लाइन बनाने और इसमें आधा किलोमीटर की टनल बनाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
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जाखलौन व धौर्रा को छोड़ ललितपुर रेल सेक्शन में आगासौद से माताटीला तक तीसरी रेल लाइन का काम तीन वर्ष पहले पूरा हो चुका है। जबकि, ललितपुर से बीना रेल खंड पर जाखलौन-धौर्रा के मध्य तीसरी रेलवे लाइन का लगभग चार से पांच किमी लंबी लाइन का काम चांदपुर-जहाजपुर के पास पुरातत्व विभाग की अनुमति न मिलने के कारण रुका हुआ था। ऐसे में रेलवे ने दूसरा प्रस्ताव तैयार किया था, जिसके तहत पांच से आठ किमी लंबी घुमावदार रेल लाइन बनाने की तैयारी थी। इसके लिए रेलवे ने प्रशासन से अनुमति भी ले ली थी। इस घुमावदार रेल लाइन के लिए बीच में पड़ने वाली पहाड़ी को काटकर आधा किमी की टनल भी बनाई जानी थी। इस घुमावदार लाइन के बनाने पर 150 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा था। जबकि, पांच किमी की सीधी रेल लाइन, जिसमें ढाई किमी रेल लाइन का मिट्टी आदि का काफी काम पहले से ही पूरा था, जबकि ढाई किमी में गिट्टी, रेल लाइन बिछाने का काम अभी किया जाना है। रेलवे ने घुमावदार रेल लाइन बनानी की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जिसके तहत प्रशासन के माध्यम से अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाने वाली थी।
इधर, रेलवे अधिकारियों ने दिल्ली में पुरातत्व अधिकारियों से इस रेल लाइन निर्माण के लिए वार्ता की। पुरातत्व अधिकारियों ने रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर चांदपुर-जहाजपुर क्षेत्र में रेल लाइन बनाने के प्रस्ताव पर निरीक्षण कर सर्वे किया। रेलवे अधिकारियों ने उन्होंने आश्वस्त किया कि चांदपुर-जहाजपुर स्थित प्राचीन मंदिरों की मूर्तियों को ट्रेनों के निकलने के दौरान होने वाले कंपन से नुकसान नहीं पहुंचेगा। पुरातत्व विभाग की टीम संतुष्ट हो गई और चांदपुर-जहाजपुर के पास सीधी रेल लाइन निर्माण पर सहमति दे दी।
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अब जल्द ही चांदपुर-जहाजपुर के पास जाखलौन से धौर्रा के मध्य सीधी तीसरी रेल लाइन के अधूरे काम की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार लगभग छह माह में ही यह अधूरा काम पूरा कर लिया जाएगा। बताया गया कि अब सीधी रेल लाइन के निर्माण में मात्र चालीस करोड़ रुपये का खर्चा आने की संभावना है।
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जाखलौन से धौर्रा रेल खंड के मध्य चांदपुर-जहाजपुर पुरातत्व स्थल के पास सीधी तीसरी रेल लाइन निर्माण के लिए दिल्ली की पुरातत्व विभाग की टीम से सहमति मिल गई है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसका निर्माण शुरू किया जाएगा।-मनोज कुमार, पीआरओ।
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