संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। विश्वकर्मा योजना के तहत पोर्टल पर डाले गए आवेदन का सत्यापन कर ग्राम पंचायतों को आगे भेजना होता है। लेकिन ग्राम पंचायतें इस ओर ध्यान नहीं दे रही हैं। जिले की 151 पंचायतें ऐसी हैं जिनमें 329 आवेदन लंबित चल रहे हैं। यही कारण है कि कुशल कारीगरों के लिए बनाई गई योजना का लाभ उन्हें ही नहीं मिल पा रहा है।
शासन कुशल कारीगारों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण व आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने के लिए विश्वकर्मा योजना का संचालन कर रही है। इस योजना में ग्राम प्रधान रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बताते चलें कि इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। इनका सत्यापन करने का जिम्मेदारी प्रधानों व सचिवों की होती है। वे पात्र व अपात्र का निर्धारण करते हैं। लंबित आवेदन को स्वीकृत व अस्वीकृत नहीं किया जा रहा है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान उन कुशल कारीगरों का हो रहा है, जो योजना के लिए पात्र होने के बाद भी प्रधान व सचिवों की लापरवाही के कारण शासकीय योजना के लाभ से वंचित हैं।
विकास खंड का नाम - गांव की संख्या - लंबित आवेदनों की संख्या
बार - 54 - 57
बिरधा - 16 - 24
जखौरा - 39 - 91
मड़ावरा - 20 - 46
महरौनी - 35 - 73
तालबेहट - 17 - 38
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सभी ग्राम पंचायतों प्रधानों व सचिवों को पत्र लिखकर आदेश जारी किया है, ताकि वे समय से विश्वकर्मा योजना के आवेदनों की समीभा कर आगे बढ़ाएं, जिससे लाभार्थियों को समय योजनाओं का लाभ मिल सके।
कुंवर सिंह यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी।